न्यायालय ने कुंडा थाना पुलिस को इंडिया फर्स्ट लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के पूर्व बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। पूर्व मैनेजर पर एक दंपति से बीमा पॉलिसी के नाम पर चार लाख रुपए हड़पकर फर्जी रसीदें देने का आरोप है।
बैंक ऑफ बड़ौदा की यूनिट इंडिया लाइफ फर्स्ट इंश्योरेंस का दफ्तर हल्दुआ जसपुर में हैं। कंपनी के प्रतिनिधि शेखर नारंग ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें कहा गया था कि उनकी शाखा में 22 अगस्त 2015 को बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर के रूप में अनुज कुमार तिवारी की नियुक्ति हुई थी। 28 जुलाई 2016 को बॉब की शाखा हल्द्वानी में ग्राम गढ़ीनेगी के एक दंपति ने शिकायत की थी। दंपति का आरोप था कि अनुज ने पॉलिसियों में निवेश के नाम पर चार लाख रुपए लिए थे। दंपति को फर्जी रसीदें भी थमाई गई थी। तब हर महीने पॉलिसी से रिटर्न राशि मिलने का भरोसा दिया गया था लेकिन रिटर्न नहीं मिला।
शिकायत के आधार पर की गई जांच में पता चला कि दंपति के नाम पर कोई पॉलिसी नहीं है। अनुज ने रुपए हड़पने के साथ ही कंपनी अधिकारियों का फोन रिसीव नहीं किया। शिकायत सही मिलने पर कंपनी ने आरोपी की सेवाएं खत्म कर दी थी। संज्ञान में आया कि आरोपी ने कंपनी की एक अन्य ग्राहक से भी 50 हजार रुपए पॉलिसी के नाम पर लिए हैं। न्यायालय को दिए प्रार्थना पत्र में उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्यों से कंपनी की छवि खराब हो रही है। मामले की सुनवाई करते हुए अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सविता चमोली ने मामले में एसओ कुंडा को आरोपी अनुज के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और विवेचना खुद या सक्षम अधिकारी से कराने के आदेश दिए हैं।