काशीपुर। शासन और स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के चलते चार साल बाद भी सरकारी अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन नहीं लगाई जा सकी है। इस कारण मरीज बाहर डायग्नोस्टिक सेंटर पर महंगी जांच कराने के लिए मजबूर हैं।
फरवरी 2021 में तत्कालीन सीएमओ ने एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल काशीपुर और रुद्रपुर जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन लगाने का प्रस्ताव नीति आयोग को भेजा था। उस समय दोनों जगह मशीन लगाने की मंजूरी मिल गई थी। जिला अस्पताल रुद्रपुर में तो सीटी स्कैन मशीन लग चुकी है लेकिन काशीपुर अस्पताल में नहीं लगाई जा सकी। मरीजों को रुद्रपुर या निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों की दौड़ लगानी पड़ रही है।
एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय में जसपुर, काशीपुर, रामनगर, बाजपुर, केलाखेड़ा, यूपी के बिजनौर, ठाकुरद्वारा, अलीगंज, रेहड़, अफजलगढ़ आदि स्थानों से मरीज पहुंचते हैं। इनमें से रोज कई मरीज सिर की चोट समेत कई गंभीर बीमारियों के आते हैं। अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे में भी बीमारी पकड़ में नहीं आने पर ऐसे मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। वह प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटर में सीटी स्कैन कराते हैं। यहां पर गरीब मरीजों पर हजारों रुपये का आर्थिक भार पड़ रहा है। कोरोना ने उत्तराखंड में फिर से दस्तक दे दी है। महामारी के फिर से पैर पसारने पर मरीजों को दिक्कत झेलनी पड़ सकती है।
काशीपुर सरकारी अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन लगाने के लिए जिलाधिकारी को पत्राचार किया जा चुका है। सीएसआर के माध्यम से शीघ्र ही मशीन लगने की उम्मीद है।
- डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, ऊधमसिंह नगर।