जसपुर में इस स्थान पर मिसाइलों को नष्ट करने की है योजना।
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पतरामपुर पुलिस चौकी परिसर में दबी मिसाइलों को नष्ट करने के लिए सेना ने जगह खोज ली है। मिसाइलों को पतरामपुर पुलिस चौकी क्षेत्र के निर्जन स्थान पर ग्राम समाज की भूमि पर नष्ट किया जाएगा। 10 दिसंबर 2004 को तुगलकाबाद से कंटेनर में एसडी स्टील फैक्ट्री में खाड़ी देशों से स्क्रैप आई थी। स्क्रैप की खेप में 556 मिसाइलें थी।
30 दिसंबर 2004 को फैक्ट्री में मिसाइल गलाने के दौरान एक मिसाइल फट गई थी। इससे एक कर्मी की मौत हो गई थी। बाकी बची 555 मिसाइलों को प्रशासन ने रातोंरात पतरामपुर पुलिस चौकी परिसर में दबा दिया था। इनकी सुरक्षा के लिये गारद तैनात कर दी गई थी। मिसाइलों को नष्ट करने के लिये 11 माह पूर्व पुलिस मुख्यालय से बीस लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था।
बाराबंकी और लखनऊ से आई सेना की टीम ने पतरामपुर क्षेत्र में वन विभाग की भूमि का चयन मिसाइलों को नष्ट करने के लिए किया था। इसी बीच वन विभाग के आला अधिकारियों ने भारत सरकार से अनुमति लेने की बात कही। इसके चलते मिसाईलों को नष्ट करने की प्रक्रिया वहीं रोक दी गई।
एसएसपी सदानंद दाते ने डीएम को पत्र भेजकर मिसाइलों को नष्ट करने के लिए नया स्थान खोजने का अनुरोध किया था। सूत्रों की मानें तो जिला प्रशासन ने पतरामपुर क्षेत्र में ग्राम समाज की भूमि इसके लिए खोज ली है।
मिसाइलों को नष्ट करने के लिये वन विभाग के अमानगढ़ रेंज के निकट ग्राम हजीरोवाला की ग्राम समाज भूमि का चयन किया गया है। सेना की टीम को यह स्थान उचित लगा है। टीम स्थान का नक्शा बनाकर ले गई है, जिसे वह सेना के मुख्यालय से स्वीकृत कराएगी। इसके पश्चात सितंबर माह में मिसाइलों को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी
डॉ. जगदीश चंद्र, एएसपी काशीपुर