महंगे वाहनों के शौक ने राज्य सरकार के खजाने को भर दिया है। बृहस्पतिवार से वाहनों के रजिस्ट्रेशन में की गई चार से आठ प्रतिशत की वृद्धि से राजस्व में भारी बढ़ोत्तरी होगी। ऊधमसिंह नगर जिले की बात करें तो यहां महंगे वाहनों के शौकीनों की कमी नहीं है। औद्योगिक नगरी के रूप में रुद्रपुर, काशीपुर और सितारगंज में हर एक-दो साल में यहां के लोग गाड़ियां बदल देते हैं, ऐसे में अगर आंकड़ों की बात करें तो टैक्स वृद्धि में यूएस नगर उत्तराखंड का पहला जिला होगा, जिसको सीधे तौर पर 50 फीसदी का मुनाफा हुआ है।
वाहनों के रजिस्ट्रेशन में की गई वृद्धि का शासनादेश बृहस्पतिवार को एआरटी कार्यालय पहुंच गया और विभाग ने बृहस्पतिवार से ही आदेश के नियमों को लागू कर दिया है। पहले दोपहिया वाहन के रजिस्ट्रेशन पर चार प्रतिशत का टैक्स लगता था जो कि अब सीधे तौर पर छह प्रतिशत कर दिया है। इसी प्रकार चारपहिया वाहनों पर पांच प्रतिशत टैक्स लागू था जो अब नए शासनादेश के अनुसार आठ प्रतिशत कर दिया है।
इससे स्पष्ट है कि यूएस नगर में वाहनों की खरीद भारी मात्रा में होती है इसलिए परिवहन विभाग को सीधे 50 प्रतिशत का मुनाफा होगा। हालांकि टैक्स बढने से कुछ हद तक टैक्स की चोरी की भी संभावनाएं प्रबल हो गई हैं, क्योंकि यूपी सीमा से लगे क्षेत्रों के लोग भी अधिकांश वाहनों को यूएस नगर से ही रजिस्ट्रेशन कराते थे, लेकिन फिर भी परिवहन विभाग के अनुसार सर्वाधिक राजस्व वसूली में अभी तक यूएस नगर जिला राज्य में अपनी उपस्थिति अव्वल में दर्ज किए हुए है।
परिवहन सचिव सीएस नपलच्याल की ओर से विभाग को मिले शासनादेश में स्पष्ट किया गया कि जिस वाहन की कीमत 10 लाख रुपये तक हो उस पर छह प्रतिशत टैक्स लागू किया गया है, जबकि 10 लाख रुपये से अधिक महंगे वाहनों पर आठ प्रतिशत टैक्स लागू किया गया है।