बाजपुर के गांव हरसान में खतड़वा त्यौहार मनाते पर्व्रतीय समाज के लोग।
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बाजपुर। गांव हरिपुरा, हरसान, कपकोट में खतड़वा त्यौहार पशुओं के रोग मुक्त होने की कामना के साथ मनाया गया। बच्चों ने प्रमुखता से इसमें भाग लिया। साथ ही ककड़ी, मक्का इत्यादि का प्रसाद वितरण किया गया।
सांस्कृतिक श्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र नई दिल्ली से प्रशिक्षित शिक्षक धर्मेन्द्र बसेड़ा ने बताया कि उत्तराखंड में ऋतु परिवर्तन पर कोई न कोई त्यौहार मनाया जाता है। उन्हीं में से एक खतड़वा त्यौहार है। पशुधन को समर्पित खतड़वा त्यौहार उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में मनाया जाता है। वर्षा ऋतु के समाप्त होने और शरद ऋतु के प्रारंभ में अश्विन माह के प्रथम दिन (कन्या संक्रांति) को खतड़वा मनाया जाता है। इस दौरान बच्चों ने लोकगीत सुनाकर खतड़वे की राख को पशुओं के माथे पर लगाई। वहां धर्मेंद्र बसेड़ा, अंजू, पूजा, देवकी देवी, मंजू, अभी, पावनी, खुशी, ईशु, चंदन बसेड़ा, नैन सिंह, बिशन सिंह आदि थे।