काशीपुर। ठंड के मौसम में भी निजी बस संचालक यात्रियों की सुविधाओं के प्रति गंभीर नहीं हैं। हाल ये है कि यात्रियों को कंडम बसों से सफर कराया जा रहा है। बसों के शीशे टूटे हैं और फॉग लाइटें भी नहीं हैं। धक्का लगाकर स्टार्ट किया जा रहा है। इससे यात्रियों की जान भी जोखिम में पड़ सकती है।
काशीपुर से निजी बसों का संचालन होता है जो बाजपुर, रुद्रपुर, नैनीताल, रामनगर, जसपुर, धामपुर, नगीना आदि जगहों के लिए बसें संचालित की जाती हैं। इन बसों से हर दिन करीब 25 हजार यात्री सफर करते हैं। जर्जर और कंडम बसों के चलते यात्रियों की जान को भी खतरा बना हुआ है।
बस स्टेशन परिसर में गंदगी का अंबार है। यात्रियों के बैठने और पेयजल के उचित इंतजाम नहीं है। एआरटीओ प्रवर्तन संदीप वर्मा ने बताया कि निजी बसों में यदि शीशे टूटे हैं और नियमों के विपरीत संचालन कराया जा रहा है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
वाहनों में लगाए जा रहे रिफ्लेक्टर
सर्दी के मौसम में कोहरे को देखते हुए परिवहन विभाग ने अभियान चलाकर वाहनों में रिफ्लेक्टर लगवाने का काम शुरू किया है। एआरटीओ प्रवर्तन संदीप वर्मा ने बताया कि विभाग की टीमें ट्रैक्टर व ट्रॉलियों आदि पर रिफ्लेक्टर लगवा रही हैं। बिना रिफ्लेक्टर लगे मिले वाहनों का चालान किया जाएगा।