शिक्षा विभाग की लापरवाही से बाढ़ राहत कार्य में एक मृत और दो रिटायर्ड कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई। मामले का खुलासा कर्मचारियों की ड्यूटी का रोस्टर बांटने पर स्कूल प्रबंधन के पत्र में जानकारी देने पर सामने आया। तहसीलदार ने खंड शिक्षाधिकारी को तत्काल संशोधित सूची भेजने और पुरानी सूची तहसील को भेजने वाले कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
बीती 24 मई को तहसील प्रशासन ने शिक्षा विभाग, सहकारी गन्ना विकास समिति, मंडी समिति, पशु चिकित्सालय, लोक निर्माण विभाग समेत तमाम विभागों से तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को तहसील में स्थापित बाढ़ कंट्रोल रूम पर तैनात करने की सूची मांगी। जिसमें शिक्षा विभाग द्वारा सूची न भेजने पर पुन: 8 जून को तहसीलदार आरसी गौतम ने बीईओ से सूची तलब की। इस पर शिक्षा विभाग ने 91 कर्मचारियों की सूची भेजी। तहसीलदार ने इन कर्मचारियों की तैनाती के लिए स्कूलों को रोस्टर बांटा। जवाब में राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय विडौरा के प्रबंधन द्वारा बताया गया कि बाढ़ कंट्रोल रूम में ड्यूटी में लगाए गए स्कूल के कर्मचारी कृष्ण वर्मा की गत एक जनवरी 2012 को मृत्यु हो चुकी है।
वहीं, राजकीय आश्रम पद्धति उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विडौरा मझोला के प्रधानाचार्य ने पत्र में बताया कि बाढ़ कंट्रोल ड्यूटी में लगाए स्कूल के कर्मचारी रघुनाथ सिंह 31 जनवरी 2013 और मोहन लाल 30 नवंबर 2014 को रिटायर्ड हो चुके हैं। इससे तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया। तहसीलदार गौतम ने बताया कि पुरानी सूची को बीईओ द्वारा प्रमाणित कर भेजा गया था। बीईओ से अब संशोधित सूची मांगी है और सूची भेजने वाले कर्मचारी से जवाब तलब करने को कहा है।