काशीपुर। सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने विदेश भेजने के नाम पर कई लोगों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोपी पिता-पुत्र को पांच-पांच वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
जसपुर के मोहल्ला जुलाहान निवासी विनोद कुमार पुत्र स्व. राधेश्याम ने 23 अप्रैल 2012 को जसपुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि ग्राम सूरजपुर निवासी कुमार गौरव और उसके पिता गोविंद गिरी युवकों को नौकरी के लिए विदेश भेजने के नाम पर ठगी करते हैं।
दोनों ने युवकों को नौकरी के लिए सिंगापुर भेजने का झांसा देकर डेढ़-डेढ़ लाख रुपये ले लिए। उनके पुत्र देवेश कुमार, अमित कुमार, सचिन, गौरव, संजू, शिशुपाल समेत सात लोगों ने कुमार गौरव और उसके पिता गोविंद को नकद राशि दी।
कुछ लोगों ने दोनों पिता-पुत्र के बैंक खातों में भी रकम जमा कराई, लेकिन पिता-पुत्र ने उनका वीजा नहीं लगवाया। ठगी का पता चलने पर उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने उन्हें मारने की धमकी दी। मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जसपुर पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया।
विवेचनाधिकारी अजीत कुमार ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट पेश की। इस मामले की सुनवाई सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/ एसीजेएम वीके वर्मन की अदालत में हुई। वाद के समर्थन में मुकदमे के वादी विनोद कुमार के अलावा गवाहों को पेश किया गया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक अभियोजन अधिकारी अनुज कुमार साहनी ने की। दोनों पक्षों को सुनने व पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल कर अदालत ने आरोपी कुमार गौरव और उसके पिता गोविंद गिरी को दोषी करार देते हुए पांच-पांच वर्ष के सजा सुनाई है।
अल्मोड़ा की अदालत में भी विचाराधीन है गौरव के खिलाफ मुकदमा
काशीपुर। धोखाधड़ी के आरोप में पांच वर्ष की सजा पाने वाले कुमार गौरव के खिलाफ अल्मोड़ा न्यायालय में भी धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप में मुकदमा दर्ज है। 10 जून 2016 को जाहरमल देवी निवासी सुनील तिवारी पुत्र विश्वनाथ तिवारी ने अल्मोड़ा में हीरा डुंरी निवासी रोबिन बी लाल और जसपुर निवासी कुमार गौरव के खिलाफ धारा 467, 468, 471, 420 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था।
कहा कि दोनों आरोपियों ने 16 जनवरी 2014 से 13 दिसंबर 2015 के मध्य उनके साथ धोखाधड़ी कर लाखों रुपये की रकम हड़प ली। यह मुकदमा अल्मोड़ा की अदालत में विचाराधीन है। इस मुकदमे की नकल भी जसपुर के मुकदमे में प्रस्तुत की गई। ब्यूरो