खटीमा। पहेनियां स्थित टोल प्लाजा के विरोध में लामबंद विभिन्न राजनैतिक दलों एवं सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने बाईपास नहीं तो टोल टैक्स नहीं की घोषणा की।
एक दिनी सांकेतिक धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने बिना सुविधा दिए टोल टैक्स वसूलने का कड़ा विरोध किया। इस दौरान नगर के बीच मार्ग के चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण के नाम पर खर्च हुए 21 करोड़ की सीबीआई जांच कराने की मांग की।
भाजपा नेता नवीन बोरा, व्यापार मंडल अध्यक्ष अरुण सक्सेना, अमन अरोड़ा, मनोज वाधवा के नेतृत्व में चले सांकेतिक धरने में प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में कहा कि जब तक लोहियापुल-पहेनियां से कुटरी-चकरपुर तक आठ किमी बाईपास निर्माण नहीं होता है तो टोल वसूली नहीं होने दी जाएगी।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि टोल प्लाजा पर सुविधा के नाम पर एंबुलेंस, शौचालय एवं क्रेन तक उपलब्ध नहीं है। टोल प्लाजा स्थल पहेनियां से चकरपुर तक बाईपास का निर्माण नहीं हुआ है। पहेनियां से नगर के बीच होते हुए कुटरी, चकरपुर तक मार्ग में 21 करोड़ खर्च करने के बाद भी एनएच द्वारा पानी की निकासी, नाली निर्माण, पुलिया एवं कई विभागों की ढहाई गई चहारदीवारी तक का निर्माण नहीं किया गया है।
युवक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भुवन कापड़ी ने कहा कि एनएच द्वारा अतिक्रमण के नाम पर बिना मानकों के टेंडर एवं रोड मैप को ताख पर रखकर कार्य किया गया है। उन्होंने 21 करोड़ के खर्च की सीबीआई जांच की मांग की।
वहां पर रवीश भटनागर, देवेंद्र जुनेजा राजू, कुंवर सिंह खनका, राजेश राणा, नासिर खान, सुुदेश पाल चौधरी, हिमांशु अग्रवाल, गोपी पोखरिया, कमल असवाल, वीरेंद्र बिष्ट, अवधेश गोयल, गगनदीप, राशिद अंसारी, अमरजीत सिंह दिलबाग, हाफिज रहमान, पंकज टम्टा, लक्की गुप्ता, अशोक गौतम, अर्पित चौधरी, हरमीत सिंह, नंदन सामंत आदि थे।