केलाखेड़ा। गृह मंत्रालय की नोडल एजेंसी भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के पोर्टल पर जांच के दौरान केलाखेड़ा क्षेत्र के एक बैंक खाते में पांच साइबर ठगी की शिकायतें मिली हैं। पुलिस ने खाताधारक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए साइबर सेल से प्राप्त म्यूल खातों की सूची में शामिल खाता संख्या 43467217312 की जांच की गई। पुलिस ने एसबीआई की केलाखेड़ा शाखा से खाते से संबंधित दस्तावेज जुटाए। जांच में खाता सरकड़ी निवासी जसवीर सिंह पुत्र लखविंदर सिंह के नाम पर दर्ज मिला, जिसे 24 अक्टूबर 2024 को खोला गया था। पूछताछ में जसवीर ने खाता अपना होने की बात स्वीकार की। समन्वय पोर्टल पर जांच में इस खाते में ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित पांच शिकायतें दर्ज मिलीं। 22 मई को आगरा निवासी अर्पित राजपूत और महाराष्ट्र के रायगढ़ निवासी विक्की नानू चमन, 25 मई को मुंबई निवासी सोनू कुमार मंडल, 28 मई को मुंबई सिटी निवासी महेश उत्तम पालके और 29 मई को अंबेडकरनगर, उत्तर प्रदेश निवासी अंकित की शिकायत दर्ज होना पाया गया। थाना प्रभारी मनीष खत्री ने बताया कि खाते में विभिन्न माध्यमों से साइबर ठगी की रकम आने के साक्ष्य मिले हैं। सीओ अखलेश कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया खाताधारक पर कपटपूर्ण तरीके से लोगों को धोखा देकर धन अर्जित करने और साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के आरोप में जांच की जा रही है।
साइबर ठगी के पैसों का रूट पकड़ते ही खाताधारक पर केस
रुद्रपुर। साइबर ठगी के मामलों की जांच में ऊधमसिंह नगर साइबर सेल के हाथ एक संदिग्ध बैंक खाता लगा है। नैनीताल बैंक की गंगापुर रोड शाखा से जुड़े इस खाते में साइबर धोखाधड़ी की रकम पहुंचने की आशंका के बाद पुलिस ने खाताधारक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, समन्वय पोर्टल के माध्यम से मिली जानकारी के आधार पर साइबर सेल ने संदिग्ध खाते की जांच शुरू की। पड़ताल में सामने आया कि एक जून 2026 को यूपीआई के जरिए दो अलग-अलग लेनदेन में करीब एक लाख 56 हजार 899 रुपये खाते में जमा हुए थे। दोनों लेनदेन को लेकर राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायतें दर्ज थीं। शिकायतकर्ताओं ने साइबर धोखाधड़ी के माध्यम से रकम उक्त बैंक खाते में स्थानांतरित किए जाने की जानकारी दी थी। मामले की जांच 28 अगस्त को उपनिरीक्षक महेश कांडपाल को सौंपी गई। बैंक अभिलेखों की जांच में सामने आया कि संदिग्ध खाता ग्राम बिंदुखेड़ा दानपुर निवासी राजेंद्र सिंह के नाम पर है। बैंक रिकॉर्ड के अनुसार खाता चार अप्रैल 2026 को खोला गया था। बैंक अभिलेख, खाते का लेनदेन विवरण और साइबर अपराध पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को आधार बनाया गया है। प्रथमदृष्टया आशंका है कि खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने, उसे आगे स्थानांतरित करने या निस्तारित करने के लिए किया गया। सीओ विभव सैनी ने बताया कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर खाताधारक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब खाते से जुड़े अन्य लेनदेन, रकम के आगे हुए ट्रांसफर और मामले से जुड़े संभावित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।