काशीपुर। ऐतिहासिक चैती मेला परिसर में मृत मवेशियों को दफनाने से लोगों में गुस्सा है। मां बाल सुंदरी देवी मंदिर चैती मेला परिसर में लंबे समय से मवेशी पालक अपने मृत पशुओं को गड्ढा दफना रहे हैं। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने नगर निगम प्रशासन से ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
लोगों का कहना है कि यहां हर साल प्रसिद्ध चैती मेला लगता है। साथ ही परिसर में मां बाल सुंदरी देवी मंदिर, मोटेश्वर महादेव और गड्ढेश्वर महादेव मंदिर स्थित हैं। बावजूद इसके कुछ लोगों ने इसे मृत पशु दफन करने का स्थल बना दिया है। इससे यहां गंदगी और प्रदूषण फैल रहा है जिससे आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। शनिवार को भी एक मवेशी पालक जेसीबी मशीन में मृत पशु लेकर पहुंचा और गड्ढा खोदकर दफना दिया।
पूछने पर वह कुछ भी बताने को तैयार नहीं हुआ। मां बाल सुंदरी मंदिर के मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री ने कहा कि यह पवित्र धार्मिक प्रांगण है। यहां मृत मवेशियों को दफन करना धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना है। नगर निगम के सेनेट्री इंस्पेक्टर गणेश ध्यानी ने बताया कि निगम मृत पशुओं को ट्रंचिंग ग्राउंड में दफन कराता है। यदि चैती मेला परिसर में ऐसा हो रहा है तो ऐसे लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।