लकड़ी मंडी के पास बनी पांच दुकानों में अचानक आग लग गई। आग से व्यापारी पिता पुत्र बुरी तरह से झुलस गए। गनीमत रही कि दुकानों के आगे एवं पीछे पक्के गोदाम होने से आग अन्य दुकानों तक नहीं पहुंच सकी। अलबत्ता बड़ा नुकसान हो सकता था। व्यापारियों के मुताबिक आग से करीब 25 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। आग की सूचना मिलते ही विधायक ने रात में ही मौके पर पहुंचकर व्यापारियों से मामले की जानकारी ली। वहीं, बुधवार को तहसीलदार जोगा सिंह ने मौके का मुआयना किया।
मंगलवार की रात करीब एक बजे गोला मंडी से लगी मो.यासीन, शाहनवाज, तसव्वर, रईस अहमद की दुकानों में अचानक आग से धुआं उठने लगा। आनन-फानन में आग की सूचना जामा मस्जिद से एलान कराकर व्यापारियों को दी गई। देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में लोग लकड़ी मंडी की ओर दौड़ पड़े। व्यापारियों ने बिजली बंद कराकर फायर बिग्रेड को बुलाया। डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद दमकल ने आग पर काबू पाया। इस बीच व्यापारी यासीन एवं उनके पुत्र शाहनवाज ने लकड़ी बचाने को अपनी दुकान का शटर खोला। इससे दोनों बुरी तरह से झुलस गए। व्यापारियों ने दोनों को सरकारी अस्पताल पहुंचाया। इस दौरान विधायक आदेश चौहान ने मौके पर पहुंचकर व्यापारियों को सांत्वना दी। घायलों का हाल जाना। अस्पताल की ईएमओ विद्या भूषण ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को काशीपुर रेफर कर दिया। लकड़ी व्यापार कल्याण समिति के अध्यक्ष हाजी जफर ने बताया कि दुकानों में कीमती लकड़ी आग से नष्ट हुई है। बताया कि आग से करीब 25 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
हाइवे पर लग गया लंबा जाम
जसपुर। आग लगने के दौरान हाइवे पर काफी लंबा जाम लग गया। एसएसआई कमलेश भट्ट एवं उनकी टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए वाहनों को डायवर्ट कर दिया। आग बुझने के बाद वाहनों को हाइवे से ही निकाला गया। वहीं धधकती आग को बुझाने के लिए दमकल वाहन के देर लगाने पर लकड़ी मंडी के युवा दिलेरी दिखाते हुए पास के नाले में कूद गए। उन्होंने नाले से पानी, गाद आदि निकालकर जलती आग पर डालकर आग पर काबू करने का प्रयास किया।