जिले में तैनात अफसरों के लिए मंगाई मेडिकल किट में दो दवाएं एक्सपायरी डेट की निकलने से हड़कंप मचा है। आनन-फानन में सभी एसडीएम, तहसीलदार को भेजी गई किट में से दवाएं नष्ट करा दी गई। मेडिकल किट रेडक्रास सोसायटी की ओर से भेजी गई थी।
डीएम, एडीएम, एसडीएम और तहसीलदारों के वाहनों के लिए मेडिकल किट मंगवाई गई थी। इस किट का इस्तेमाल आपदा को लेकर उत्पन्न स्थितियों से निपटने के लिए करना था। रेडक्रास से जिले को 16 मेडिकल किट दी गई थी। इनमें से एसडीएम और तहसीलदारों के वाहनों के लिए किट भेज दी गई थी। किट में एंटी सेफ्टिक लिक्विड, चोट या जले पर लगाने वाला मरहम, पट्टी, स्प्रिंगलिंट, कैंची, बैंडेज, ग्लूकोज आदि थे। इसके अलावा टार्च, रेनकोट, छाता, रस्सी, गमबूट भी थे। रविवार को एडीएम के वाहनों के लिए किट रखवाई जा रही थी। इसी बीच किसी अधिकारी की नजर किट में रखे एंटी सेफ्टिक लिक्विड और मरहम में गई। लिक्विड की दो साल और मरहम की एक साल पहले ही एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी। इसके बाद अधिकारियों को दी गई किट में से दोनों दवाओं को निकलवाकर नष्ट किया गया। वहीं, इस मामले में अधिकारी अपना बचाव करते हुए जिम्मेदारी रेडक्रास पर डाल रहे हैं।
मेडिकल किट रेडक्रास की स्टेट लेवल से आई थी। हमारी तरफ से किट तैयार नहीं की गई थी। किट में एंटी सेफ्टिक और मरहम के एक्सपायरी डेट के होने की जानकारी के बाद स्टोर में उपलब्ध मरहम उपलब्ध करा दिया गया है। रेडक्रास का कार्यभार देख रहे डॉ. अविनाश शहर से बाहर हैं। उनके आने के बाद ही मामला स्पष्ट हो सकेगा। सीएमओ को जानकारी दे दी गई है।
-डॉ. मनीष अग्रवाल, प्रभारी सीएमओ।