काशीपुर। काशीपुर में गोविषाण टीले के चारों ओर आग लग गई और टीले के बराबर में चैती मेला परिसर में भी खलबली मच गई। आग के विकराल रूप को देख कारोबारियों ने चैती मेला में लगे अपने स्टॉल हटा लिए। इसके अतिरिक्त मेला परिसर में एकत्र कूड़े में भी आग लग गई। फायर विभाग की छह गाड़ियों ने तीन से चार बार पानी डाला तब जाकर आग पर काबू पाया गया।
गोविषाण टीले में दोपहर करीब 12 बजे पेपर मिल की ओर से आग लगी। तेज हवा से दोपहर एक बजे तक टीले के चारों ओर आग फैल गई। सूचना पर अग्निशमन अधिकारी श्याम सिंह ने फायर यूनिट को टीले की आग बुझाने के लिए भेजा। फायर विभाग की छह गाड़ियों से किसी तरह आग को बुझाया गया।
चैती मेला के कारोबारियों में सनसनी
कूड़े के ढेर में आग लगते ही चैती मेला में स्टॉल लगाने वाले कारोबारियों ने अपने स्टॉल हटाने शुरू कर दिए। अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि कूड़े के ढेर में कई बार पानी डाला गया लेकिन आग नहीं बुझी। बाद में जेसीबी मशीन से कूड़े को पलटकर पानी डाला तब जाकर आग बुझी। गोविषाण टीले और कूड़े के ढेर में लगी आग को बुझाने में चार घंटे लग गए।
गेहूं के खेत, भूसे ढेर और झाड़ियों में लगी आग
काशीपुर। काशीपुर क्षेत्र में सोमवार को पांच स्थानों पर आग लगी। गेहूं के खेत, भूसे के ढेर और झाड़ियों में आग लग गई। अग्निशमन अधिकारी श्याम सिंह ने बताया कि बरखेड़ी चनकपुर आईजीएल सड़क के पास तेज सिंह के खेत में गेहूं की फसल में आग लगी थी जिसे फायर टीम ने बुझाया। उन्होंने बताया कि हरीनगर ढकिया कला में भी भूसे व बिटोरे के ढेर में आग लगी थी जिसे टीम ने बुझाया। परमानंदपुर गोशाला गांव में गेहूं के खेत में लगी आग को बुझाया। राधे हरि डिग्री कॉलेज काशीपुर के पास झाड़ियों में आग लग गई थी जो हॉस्टल की तरफ बढ़ रही थी। उसे भी बुझा लिया गया। हरियावाला चौराहा के पास खाली पड़े प्लॉट की झाड़ियां में लगी आग को भी बुझा दिया गया।