जीजीआईसी की प्रधानाचार्या कामिनी वर्मा की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। गलत जाति प्रमाण पत्र देकर प्रमोशन लेने के आरोप की विभागीय जांच में पुष्टि के बाद अपर सचिव ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक को कामिनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। बीईओ दफ्तर में तैनात वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने कामिनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए कोतवाली में तहरीर दी है।
दरअसल वर्ष 2010 में कामिनी का प्रमोशन हेड मास्टर से प्रधानाचार्य के रुप में हुआ था और उन्हें सितारगंज इंटर कॉलेज में तैनाती मिली थी। वर्ष 2012 में तबादला होकर वे जीजीआईसी काशीपुर में आ गई थीं और तभी से तैनात हैं। कुछ दिन पहले ही उनका तबादला प्रशासनिक आधार पर जीजीआईसी नमजला पिथौरागढ़ कर दिया गया था। हालांकि वे अभी कार्यमुक्त नहीं हो सकी हैं। उन पर अनुसूचित जाति की नहीं होने के बावजूद अनुसूचित जाति कोटे से प्रधानाध्यापिका पद पर प्रमोशन का आरोप लगा था।
एडी कुमाऊं की जांच में उन्होंने जाति संबंधी प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किए थे। विभाग ने गलत प्रमाण पत्र पर प्रमोशन लेने पर कामिनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की अनुमति शासन से मांगी थी। अपर सचिव उत्तराखंड शासन रंजना ने निदेशक को कामिनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। बीईओ अशोक मिश्रा ने बताया कि कामिनी पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र लगाकर प्रमोशन लेने के आरोप जांच में सही पाए गए हैं। उनके खिलाफ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विमला पांडेय ने एफआईआर दर्ज करने की तहरीर थाने में दी है। उधर प्रधानाचार्या कामिनी वर्मा ने कहा कि यह सब जानबूझकर उनको फंसाने के लिए किया जा रहा है। जांच में सच सामने आ जाएगा।
प्रधानाचार्या कामिनी वर्मा पर सेवा अभिलेखों में गलत जन्मतिथि दर्शाने और हाईस्कूल का सर्टिफिकेट फर्जी होने की शिकायत भी आला अधिकारियों से हुई थी। एडी कुमाऊं की जांच में कामिनी ने शैक्षिक प्रमाण पत्रों के चोरी होने की बात कही थी। लेकिन चोरी के संबंध में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए। अपर सचिव रंजना ने डीएम को निर्देश दिए हैं कि शैक्षिक अभिलेख संबंधी शिकायतों की जांच 15 दिनों के भीतर करें।
बीईओ अशोक मिश्रा ने बताया कि प्रधानाचार्या कामिनी वर्मा का नमजला पिथौरागढ़ तबादले के आदेश 22 अक्तूबर को हुए थे। उन्हें एक हफ्ते के भीतर खुद ही कार्यमुक्त होकर नई जगह कार्यभार ग्रहण करना था। लेकिन उन्होंने अभी तक ऐसा नहीं किया है। लिहाजा बृहस्पतिवार को वे स्वत: ही कार्यमुक्त समझी जाएंगी। उनके बदले विद्यालय की वरिष्ठ शिक्षिका को चार्ज सौंपा जाएगा।