काशीपुर बिजली घर में धरने पर बैठे किसान।
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काशीपुर। खेत से गुजर रही बिजली लाइन से निकली चिंगारियों के कारण जली गेहूं की फसल के मुआवजे और अभद्रता करने के आरोपी एसडीओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर किसानों ने बिजली दफ्तर में धरना दिया। ईई के हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया।
चार अप्रैल को ग्राम कुआंखेड़ा निवासी हरदीप सिंह के गेहूं के खेत में बिजली तारों के आपस में टकराने से उठी चिंगारियों के कारण आग लग गई थी। किसानों ने ट्रैक्टरों से फायर लाइन खींचकर आग पर काबू पाया। आग से करीब डेढ़ एकड़ गेहूं की फसल नष्ट हो गई थी। मामले को लेकर किसान और एसडीओ के बीच बहस हो गई थी। दोनों ने पुलिस को तहरीर सौंपी थी।
बुधवार को भाकियू युवा विंग के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राणा के नेतृत्व में किसानों ने ईई कार्यालय में धरना दिया। कहा कि बिजली लाइनों में शॉर्ट-सर्किट से खेत में आग की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की। किसानों ने एसडीओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
ईई अनिल वर्मा के हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। ईई ने तहसील की रिपोर्ट के आधार पर जली फसलों का सर्वे कराकर 10-15 दिन में मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। वहां हरदीप सिंह, उपकार सिंह, हरजीत सिंह, मक्खन सिंह, जोरावर सिंह, सुखविंदर सिंह, गुरदेव सिंह, मुख्त्यार सिंह आदि थे।