सुल्तानपुर पट्टी। अराजक तत्वों ने कोसी शिव मंदिर में घुसकर पुजारी को कमरे में बंद करने के बाद भगवान शिव और हनुमान की मूर्तियों को खंडित कर दिया। सूचना पर सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और हंगामा किया। मौके पर पहुंची रामपुर यूपी की पुलिस ने तीन दिन के भीतर वारदात को अंजाम देने वालों को पकड़ने और मंदिर में नई मूर्तियां स्थापित कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद लोग शांत हुए। इसके बाद खंडित मूर्तियों का नदी में विसर्जन कर दिया गया।
उत्तराखंड से सटे यूपी के घोसीपुरा पट्टी कलां जिला रामपुर में कोसी नदी किनारे भगवान शिव का वर्षों पुराना मंदिर है। मंगलवार रात करीब साढ़े 10 बजे मंदिर के पुजारी धर्मपाल मंदिर के कमरे में सोए थे।
इसी दौरान कुछ अराजक तत्वों ने मंदिर में घुसकर शिवलिंग के ऊपर रखा कलश, भगवान हनुमान और मां शेरावाली की मूर्तियां खंडित कर दीं। साथ ही भगवान विष्णु, शनि देव, बालाजी, काली माता, जहांगीर बाबा और भैरव बाबा की मूर्तियों से कपड़े निकालकर जमीन पर फेंक दिए। इन लोगों ने मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे, लाइट के तार और वहां रखी कुर्सियों को भी तोड़ दिया।
पुजारी धर्मपाल जागते इससे पहले ही बदमाश मौके से फरार हो गए। बुधवार सुबह करीब चार बजे पुजारी उठकर कमरे के बाहर आने लगे तो उनके कमरे का दरवाजा बाहर से बंद था। पुजारी ने कोसी पुल के पास सोए हुए एक व्यक्ति को बुलाकर दरवाजा खुलवाया। पुजारी की सूचना पर कुछ ही देर में मौके पर लोगों एकत्र हो गए।
पुलिस को भी मामले की सूचना दी गई। सूचना पर रामपुर एएसपी डॉ. संसार सिंह, स्वार एसडीएम यमुनाधर चौहान, सीओ धर्म सिंह, कोतवाल रूप सिंह और मसवासी चौकी प्रभारी आनंद वीर सिंह मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। इस दौरान लोग हंगामा करने लगे तो एएसपी ने उन्हें समझाकर शांत किया।
लोगों ने मंदिर में तोड़फोड़ करने वालों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। इस पर एएसपी ने तीन दिन के भीतर तोड़फोड़ करने वालों को पकड़ने का आश्वासन लोगों को दिया। मंदिर में नई मूर्तियों की स्थापना करवाने का आश्वासन भी उन्होंने लोगों को दिया।
इधर, सूचना मिलने पर हरिद्वार कुंभ मेले में गए मंदिर के मुख्य पुजारी रामअवतार गिरी भी मंदिर में पहुंच गए और पुलिस की मदद से खंडित मूर्तियों का कोसी नदी में विसर्जन किया।