रुद्रपुर। क्रय केंद्रों पर धान की खरीद शुरू नहीं होने पर किसान भड़क गए। पुरानी गल्ला मंडी में घंटों अधिकारियों का इंतजार करने के बाद किसानों ने काशीपुर हाईवे पर डेढ़ घंटे तक जाम लगाया। किसानों के आक्रोश से वाहनों की आवाजाही रुकने पर पुलिस को वैकल्पिक तौर पर वनवे व्यवस्था करनी पड़ी।
सोमवार की सुबह 11 बजे जिलेभर के किसानों ने गल्ला मंडी पहुंचकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। अधिकारियों की ओर से सुध नहीं लेने पर किसानाें का रोष बढ़ गया। यहां से किसानों ने काशीपुर हाईवे की ओर कूच किया और दोपहर डेढ़ बजे हाईवे पर वाहनों की आवाजाही रोक दी। इससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। शाम को साढ़े तीन बजे खाद्य विभाग की आरएमओ लता मिश्रा, एसडीएम मनीष बिष्ट और सीओ विभव सैनी ने किसानों से वार्ता कर धान खरीद शुरू करने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसान हाईवे से हटे। इस मौके पर जगरूप सिंह गिल, ठाकुर जगदीश सिंह, बल्ली सिंह चीमा, जगतार सिंह बाजवा, राजेंद्र सिंह, अमन सिंह ढिल्लो, इकबाल सिंह चीमा, अमन बाठला मौजूद रहे।
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क्याें आक्रोशित हैं किसान
किसानों का कहना है कि एक अक्तूबर से धान खरीद शुरू हो गई है। क्रय केंद्रों पर कांटे भी लगा दिए गए लेकिन पोर्टल पर पंजीकरण शुरू नहीं होने से सरकारी खरीद के नाम पर व्यवस्था ठप पड़ी है। किसान तैयार धान लेकर मंडियों में पहुंच रहे हैं लेकिन खरीद नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरी में कम दाम पर उपज बेचनी पड़ रही है
सरकारी क्रय केंद्रों पर आज, कच्चे आढ़तों पर कल से खरीद
खाद्य विभाग की आरएमओ लता मिश्रा और एसडीएम मनीष बिष्ट ने बताया कि मंगलवार (आज) से क्रय केंद्रों का बंद पोर्टल को खोल दिया जाएगा और धान खरीद शुरू होगी। केंद्रों पर निर्धारित मानकों के अनुसार 17 प्रतिशत नमी तक का धान खरीदा जाएगा। बुधवार से कच्चे आढ़तियों की खरीद शुरू होगा।
हाईवे जाम होने से स्कूली बसें भी फंसीं
किसानों के हाईवे जाम करने से आम राहगीरों को परेशानी हुई। रुद्रपुर-टनकपुर डिपो की दो से तीन रोडवेज बसें जाम में फंस गईं। स्कूली बसों और अन्य वाहनों की भी कतार लग गई। यातायात बाधित होने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से रास्ता खोलने की अपील की। इसके बाद किसानों ने रास्ता खोला।
आपकी कांग्रेस की सरकार होती तो... भड़के ठुकराल
किसानों के धरने के दौरान पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल और आरएमओ लता मिश्रा के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। ठुकराल ने किसानों की समस्या को लेकर अधिकारियों से जवाब मांगा। इसी बीच आरएमओ के कांग्रेस की सरकार की बात करने पर ठुकराल भड़क गए और कहा कि वे यहां किसानों की बात करने आए हैं। भाजपा की बात कर रही हैं तो उनकी प्रवक्ता बन जाएं।
कोट
जब फसल तैयार है तो सरकार किसानों का धान क्यों नहीं खरीद रही है। किसानों की फसल खरीद की व्यवस्था करना सरकार और विभाग की जिम्मेदारी है। तजिंदर सिंह विर्क, राष्ट्रीय अध्यक्ष, तराई किसान संगठन।
कोट
क्रय केंद्रों पर मनमानी चल रही है। किसान धान की फसल को लेकर चिंतित है। सरकार ने दिखाने और कहने के लिए खरीद शुरू कर दी, लेकिन किसानों को भटकाया जा रहा है। जगतार सिंह बाजवा, किसान नेता।
कोट
किसान छह माह खेतों में खून पसीना एक करके फसल उगाता है। उसे बेचने का समय आता तो सरकार व सिस्टम मनमानी करते हैं। धान खरीद शुरू नहीं हुई तो सिस्टम को मुंहतोड़ जवाब देंगे। सलविंदर सिंह कलसी, प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक)
कोट
बुधवार तक कच्चे आढ़त में खरीद शुरू नहीं हुई तो बृहस्पतिवार को धान से लदी ट्रालियां डीएम कार्यालय में खड़ी की जाएगी। धान खरीद नहीं होने से किसान परेशान है। विक्रमजीत