फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसान और कांग्रेसी कृषि कानूनों का विरोध करने दिल्ली हुए रवाना

विज्ञापन
सितारगंज में किच्छा हाइवे पर बैरीकेडिंग पर तैनात पुलिस बल। - फोटो : SITARGANJ
विज्ञापन
पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता नारायण पाल शनिवार को सितारगंज के किसानों ओर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ दिल्ली के लिए रवाना हुए। उन्होंने नए कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताया।
विज्ञापन

किच्छा मार्ग स्थित एक होटल में पाल एवं अन्य ने कहा कि कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर देशभर के किसान दिल्ली में संघर्ष कर रहे हैं। यह कानून कॉरपोरेट संस्कृति को बढ़ावा देने वाले हैं। इससे किसानों का वजूद खतरे में पड़ जाएगा। किसान आंदोलन का समर्थन ऊधमसिंह नगर जिले के किसान भी कर रहे हैं। इसी क्रम में वह भी आज दिल्ली रवाना हो रहे हैं।
इसके बाद सभी लोग कार से दिल्ली के लिए रवाना हुए। वहां पर मो. इकबाल अंसारी, नसीम खान, आशु खान, सोबी मलिक, ताबिर मलिक, रिहान अंसारी, इश्तियाक अंसारी, बबलू पठान, हरपाल सिंह, करनपाल, उत्तम आचार्य, यूथ कांग्रेस का ब्लॉक अध्यक्ष संदीप बाबा, अमर पाल, बलवीर सिंह बल्ली, आदि थे। इधर, किच्छा में किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह संधू के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एमपी चौक पर केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री, मुकेश अंबानी व अडानी ग्रुप का पुतला फूंका। संधू ने कहा कि केंद्र सरकार तीन कृषि कानूनों को वापस ले। वहां पर गुड्डू तिवारी, अरुण तनेजा, अक्षय बाबा, मेजर सिंह, राजू प्रधान, सरन पूरेवाल, सुनीता कश्यप, जुगराज सिंह आदि थे।
विज्ञापन

अगर दिल्ली गए तो केस हो सकता है...
रुद्रपुर। कांग्रेस नेता सीपी शर्मा ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया में किसानों के आंदोलन में दिल्ली जाने की पोस्ट की थी। शुक्रवार की शाम उन्हें सिडकुल पुलिस चौकी बुलाया गया और दिल्ली नहीं जाने को कहा गया। पुलिसकर्मियों ने कहा कि अगर वे दिल्ली गए तो मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। करीब एक घंटा चौकी में रहने के बाद वे घर आ गए। उन्होंने कहा कि वे पुलिस से डरने वाले नहीं हैं। ब्यूरो
फोटो-05 आरडीपी 06 पी- रुद्रपुर से दिल्ली रवाना होते किसान व कांग्रेस कार्यकर्ता।
पुलिस ने रोका तो संपर्क मार्गों के रास्ते यूपी पहुंचे किसान,
सितारगंज। कृषि सुधार कानून के विरोध में राष्ट्र व्यापी आंदोलन के तहत क्षेत्र में किसानों ने गांव से लेकर नगर तक जगह-जगह आंदोलन किया। पीएम नरेंद्र मोदी, अडानी और अंबानी के पुतले जलाए गए। वहीं आंदोलन में शामिल होने दिल्ली जा रहे किसानों के काफिले को पुलिस ने रोक दिया। इस पर किसान हाईवे किनारे ही धरने पर बैठ गए और जमकर प्रदर्शन किया। पुलिस के समझाने पर किसान लौट तो गए लेकिन संपर्क मार्गों से यूपी के रास्ते दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
शनिवार को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) और कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में किसानों ने कांग्रेसियों के साथ मुख्य चौराहे पर पीएम नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। इसके बाद किसान गुरुद्वारा गुरु का ताल आगरा में पहुंचे। यहां से ट्रैक्टर ट्रॉली, कार और बस आदि वाहनों से किसानों का काफिला दिल्ली के लिए रवाना हो गया। काफिला आरके ढाबा के पास पहुंचा तो हाईवे पर बैरीकेडिंग कर पुलिस ने काफिले को रोक लिया। आंदोलनकारियों ने यहीं पर धरना दे दिया और नारेबाजी की। किसानों ने केंद्र सरकार से कृषि सुधार कानून को तत्काल वापस लेने की भी मांग की।
इधर, सीओ सुरजीत कुमार के समझाने पर किसान मान गए और वापस हो लिए लेकिन रूट बदल दिया। किसान संपर्क मार्गों से यूपी होते हुए दिल्ली के लिए निकल पड़े। वहां भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष गुरसाहब सिंह गिल, कांग्रेस प्रदेश सचिव नवतेज पाल सिंह, बाबा पाल सिंह, हरपाल सिंह, करन जंग, दिलबाग सिंह, गुरसेवक सिंह महार, सुखचैन सिंह, शाकिर अली, संदीप बावा, सरताज अहमद आदि थे। वहीं, कोदाखेड़ा गांव में अखिल भारतीय किसान सभा ने पीएम नरेंद्र मोदी, अडानी व अंबानी के पुतले जलाए। वहां जिलाध्यक्ष त्रिलोचन सिंह, पूरन सिंह, मुख्त्यार सिंह, परशुराम राणा, समुद्री देवी, रीता देवी, श्याम सुंदरी आदि थे।
सड़क पर चलाया लंगर
सितारगंज। सुबह से आंदोलन कर रहे किसानों ने सड़क पर ही लंगर चालू कर दिया। आरके ढाबा पर जब पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोका तो किसान वहीं धरने पर बैठ गए और वाहनों में भोजन बनाकर लाए किसानों ने वहीं लंगर चालू कर दिया। संवाद
वातानुकूलित ट्रॉली बनाकर ले गए किसान
सितारगंज। दिल्ली में चल रहे आंदोलन में शामिल होने जा रहे किसान सुखचैन सिंह ने ट्रैक्टर ट्रॉली में घर जैसी सुविधाएं बना रखी थीं। सुखचैन ने बताया कि आंदोलन एक महीना चले या फिर साल भर, उनके वाहन में पूरी सुविधा है। यहां तक कि एयरकंडीशनर भी लगाया है और खानपान के लिए राशन भी पर्याप्त रखा है। संवाद
छावनी में बदला क्षेत्र
सितारगंज। किसानों के वृहद आंदोलन को देखते हुए पुलिस महकमे ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। डेढ़ प्लाटून पीएसी, नानकमत्ता, पुलभट्टा थाने और खटीमा कोतवाली से भारी पुलिस बल को बुलाया गया था। कोतवाल सलाहउद्दीन, पुलभट्टा एसओ विनोद जोशी, नानकमत्ता के कमलेश भट्ट समेत कई दरोगा भी लगाए गए थे। संवाद
किसान आंदोलन को हमारा समर्थन नहीं : बीकेएस
लालपुर। भारतीय किसान संघ (बीकेएस) के प्रदेश संरक्षक डॉ. डीएन मिश्रा ने कहा कि उनका संगठन किसान आंदोलन का समर्थन नहीं कर रहा है। उनका संगठन कोई आंदोलन नहीं करता है बल्कि अपनी बात शांतिपूर्वक तरीके से रखता है। संगठन शुरू से किसान कानून का समर्थन कर रहा है। मगर कुछ लोग संगठन का नाम लेकर लोगों को गुमराह कर रहे है। कहा कि किसान आंदोलन के नाम पर राजनीति की जा रही है। इसमें कुछ शरारती लोग भी शामिल हैं। संवाद
उत्तराखंड एवं यूपी के किसानों ने सीमा पर धरना दिया
खटीमा। उत्तराखंड एवं यूपी के किसानों ने सुनपहर-खटीमा होते हुए नगर पंचायत चौकी मझोला तक जुलूस निकालकर कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। किसान पीएम का पुतला फूंकने की तैयारी कर रहे थे लेकिन थाना न्यूरिया प्रभारी जगत सिंह ने उनका प्रयास विफल कर दिया। इसके बाद किसान खटीमा मार्ग पर धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंचे अमरिया के एसडीएम चंद्र भान सिंह को ज्ञापन सौंपा गया। वहां पर किसान नेता रिम्मी सिंह, सोनू लाहोरिया, ग्राम प्रधान रघुलिया वनगवां गुरमेज सिंह, परविंदर सिंह, मनदीप सिंह, हरविंदर सिंह, गुरजीत सिंह, जस्सी सिंह, हरविंदर सिंह, राजवीर सिंह आदि थे। वहीं, खटीमा नगर में कांग्रेस कमेटी जिलाध्यक्ष ठाकुर महेंद्र सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार का पुतला फूंका। वहां पर बलविंद सिंह, रामकिशन, रमेश सिंह, छेदा सिंह, भोले सिंह, गुलाब सिंह, चरन सिंह, अमरदीप सिंह आदि थे। संवाद
काशीपुर और बाजपुर में भी फूंका सरकार का पुतला
काशीपुर/बाजपुर। कृषि कानून के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए किसान कांग्रेस ने महानगर कांग्रेस कार्यालय के सामने हाईवे पर प्रदर्शन कर केंद्र सरकार का पुतला फूंका। शनिवार को किसान कांग्रेस के प्रदेश सचिव राजू छीना और कांग्रेस महानगर अध्यक्ष संदीप सहगल के नेतृत्व में तमाम कांग्रेस कार्यकर्ता रामनगर रोड स्थित कांग्रेस कार्यालय के समक्ष एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने पीएम नरेंद्र मोदी तथा कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहां पर मुक्ता सिंह, रवि ढींगरा, राशिद फारूकी, सचिन नाडिग, हरविंदर सिंह, हरप्रीत सिंह, अमृत देओल, लवप्रीत सिंह, सोनू बाजवा, दिलबाग सिंह, मेजर सिंह, गुरतेज सिंह, जगरूप, हरजीत आदि थे।
वहीं, बाजपुर में आक्रोशित किसान शनिवार शाम को भगत सिंह चौक पर एकत्र हुए। यहां पर उन्होंने पीएम मोदी, अंबानी और अडानी का संयुक्त रूप से पुतला फूंका। वहां पर भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष सुखदेव सिंह, राजेंद्र सिंह गिल, सतवंत सिंह, अजीत प्रताप सिंह रंधावा, हरपाल सिंह, रंजीत सिंह, जगजीत सिंह, जगप्रीत सिंह, अंग्रेज सिंह, नवदीप सिंह, सेवक सिंह, लखवीर सिंह आदि थे।संवाद
कृषि कानून वापस लें : डॉ. यूनुस
जसपुर। कांग्रेस प्रदेश सचिव डॉ. यूनुस चौधरी ने शनिवार को किसानों के आंदोलन का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार से तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की है। वहां पर मो. सलीम, मुख्त्यार सिंह, राजवीर सिंह, मो हनीफ, लियाकत अली आदि थे। संवाद

सितारगंज में किच्छा हाइवे पर पुलिस द्वारा रोकने के बाद धरना प्रदर्शन करते किसान।- फोटो : SITARGANJ

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें