पंतनगर। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि पंतनगर में शुक्रवार को चार दिवसीय अखिल भारतीय किसान मेले का विधिवत शुभारंभ हुआ। प्रदर्शनी के पहले दिन किसानों के लिए विशेष व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया जिसमें विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों और प्राध्यापकों ने कृषि और पशुपालन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी।
गांधी हॉल में आयोजित सत्र में विवि के पशु रोग विभाग के वैज्ञानिकों ने पशुओं में होने वाले प्रमुख रोगों की पहचान, रोकथाम और उनके प्रभावी प्रबंधन पर प्रकाश डाला। वैज्ञानिकों ने किसानों को पशुपालन में स्वच्छता, संतुलित आहार और समय पर उपचार की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
इस दौरान किसानों की ओर से पूछे गए प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर दिए गए जिससे उनकी जिज्ञासाओं का समाधान हुआ। कार्यक्रम के दौरान विवि के विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापकों ने सस्य विज्ञान, औद्यानिकी, सब्जी उत्पादन, मोटे अनाज, पर्वतीय कृषि, फसल सुरक्षा एवं प्रबंधन, पुष्प एवं फल उत्पादन जैसे विषयों पर आयोजित प्रश्नोत्तरी सत्रों में भाग लिया। इन सत्रों के माध्यम से किसानों को नवीनतम तकनीकी जानकारी प्रदान की गई जो उनकी खेती को और अधिक उन्नत बनाने में सहायक सिद्ध होगी।
-
आधुनिक कृषि व पशुपालन तकनीकों का अवलोकन
किसान मेले में आए किसानों को विवि के विभिन्न अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्रों का भ्रमण भी कराया गया। इस दौरान, किसानों ने मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय, फसल अनुसंधान केंद्र, मधुमक्खी पालन इकाई, मशरूम उत्पादन इकाई, डेयरी और पोल्ट्री फार्म का अवलोकन किया। इन इकाइयों में उन्हें आधुनिक कृषि और पशुपालन तकनीकों की जानकारी मिली, जिससे वे अपनी आजीविका को बेहतर बना सकें।
कुलपति ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा
विवि के कुलपति प्रो. मनमोहन सिंह चौहान ने किसान मेले में लगे विभिन्न स्टॉलों का जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न महाविद्यालयों, विभागों, सरकारी और निजी संस्थानों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने वहां प्रदर्शित नवीन कृषि तकनीकों, उन्नत किस्मों और कृषि यंत्रों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि किसान मेला न केवल किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों से रूबरू कराएगा, बल्कि कृषि उद्योग से जुड़े हितधारकों को एक मंच पर लाकर नवाचार और विकास को भी बढ़ावा देगा।