कर्ज में डूबे किसान की आत्महत्या मामला गरमाता जा रहा है। शुक्रवार को किसानों ने शहीद भगत सिंह चौक पर कार्यक्रम आयोजित कर किसान को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद किसानों ने सांकेतिक धरना दिया। वक्ताओं ने किसान की आत्महत्या के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
शुक्रवार को शहीद भगत सिंह चौक पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि अत्यधिक बोझ से दबे होने के कारण किसान कर्ज नहीं चुका पा रहा है। कहा कि सरकार गन्ना मूल्य का तो भुगतान नहीं कर पा रही है, जबकि किसानों के ऋण पर ब्याज सहित वसूली की जा रही है। कार्यक्रम का संचालन कांग्रेस नेता राजेंद्र बेदी ने किया। इस दौरान कांग्रेसी नेता जगतार सिंह बाजवा, सुरजीत अग्निहोत्री, भाकियू के प्रांतीय कोषाध्यक्ष दलजीत सिंह रंधावा अपने विचार रखे।
मौके पर पहुंचे कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडेय के बड़े भाई जगदीश पांडे ने कहा कि कैबिनेट मंत्री ने मुख्यमंत्री से इस संबंध में वार्ता की है। वहां डीसीबी उपाध्यक्ष समीर पाठक, अजीत प्रताप रंधावा, सुखदेव सिंह, विजेंद्र डोगरा, लखविंदर मेहता, इंद्रप्रीत सिंह बरार, विक्रम कपूर आदि थे।
जमीन की निलामी नहीं होने देंगे
किसानों ने बैठक कर सहमति के आधार पर कर्ज चुकता करने के लिए अपने ट्रैक्टर सहित अन्य कृषि यंत्र शहीद भगत चौक पर खुली नीलामी के लिए खड़ा करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि बैंक अधिकारी ऋण वसूली के लिए उनके वाहनों की निलामी कर सकते हैं, लेकिन वह किसी कीमत पर अपनी जमीन की नीलामी नहीं होने देंगे।