रुद्रपुर। ऊधमसिंह नगर जिले में अपराधियों के हौसले तो बुलंद हैं ही अब उनके परिजन भी खाकी पर हावी होने लगे हैं। कानून का खौफ इस कदर खत्म हो चुका है कि आरोपी को छुड़ाने के लिए परिवार के लोग धारदार हथियारों और पत्थरों से पुलिस टीमों पर हमला करने से भी नहीं हिचक रहे। कानून व्यवस्था को बनाए रखने और पुलिस का इकबाल बुलंद करने के लिए अब महकमे को ऐसी सख्त नजीर पेश करने की जरूरत है जो अपराधियों और उनके मददगारों की रूह कंपा दे।
हाल ही में जसपुर क्षेत्र के पतरामपुर में हुई घटना ने पुलिस तंत्र को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक वारंटी को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम पर आरोपी की मां, पत्नी और भाई ने धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में पुलिसकर्मी घायल हो गए और आरोपी परिवार की मदद से हिरासत से फरार होने में कामयाब रहा।
वूमेन कार्ड और यूपी बॉर्डर का मिल रहा फायदा
अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में दबिश के दौरान पुलिस पर्याप्त महिला पुलिस बल के बिना पहुंचती है। इसका फायदा उठाकर घर की महिलाएं आगे आ जाती हैं। वे पुलिस टीम को बहस और विवाद में उलझाए रखती हैं। इसी बीच आरोपी पिछले दरवाजे या छत के रास्ते भाग जाते हैं। इसके अलावा जिले की सीमा यूपी से सटी होने के कारण अपराधियों को भागने और छिपने की सुरक्षित पनाहगाह मिल जाती है। स्थानीय स्तर पर हथियारों और नशे के सिंडिकेट का मजबूत आर्थिक नेटवर्क भी इन परिवारों को इतना दुस्साहसी बना रहा है कि वे सीधे पुलिस से टकरा रहे हैं।
जब-जब खाकी पर हुआ हमला
केस 1
1 फरवरी 2026 को रुद्रपुर की सुभाष कॉलोनी में नशा तस्कर नदीम को पकड़ने गई पुलिस टीम पर परिजनों ने छत से पथराव कर दिया और नदीम को भगा दिया। बाद में एक महीने बाद पुलिस ने उसे धर दबोचा।
केस 2
31 मार्च 2025 को काशीपुर में महिला वारंटी को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर परिजनों और पड़ोसियों ने हमला कर दिया। इतना ही नहीं पुलिस कर्मियों की वर्दी तक फाड़ दी थी।
केस 3
अक्तूबर 2022 में कुंडा के भरतपुर में यूपी पुलिस की टीम पर ग्रामीणों और परिजनों ने हमला कर 50 हजार के इनामी खनन माफिया जफर को छुड़ा लिया था। इस घटना में पुलिस टीम को बंधक बनाकर पीटा गया था।
केस 4
वर्ष 2023 में खटीमा में विवाद सुलझाने गई पुलिस टीम के साथ अभद्रता की गई और पुलिसकर्मियों की वर्दी फाड़ दी गई।
पुलिस अभिरक्षा को ठेंगा... कस्टडी से फरार होने के प्रमुख मामले
मामला- 1
वर्ष 2023 में लूट के आरोपी का पीछा करते समय दरोगा को बाइक सवार बदमाशों ने घसीटकर घायल कर दिया था। बाद में जब आरोपी घायल हुआ तो उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां से वह पुलिस को चकमा देकर भाग निकला।
मामला- 2
वर्ष 2020 में सितारगंज जेल में कोविड पॉजिटिव मिले तीन सजायाफ्ता कैदी जिला अस्पताल के कोविड सेंटर से सुरक्षा घेरा तोड़कर फरार हो गए।
मामला-3
वर्ष 2018 में किच्छा के बहुचर्चित समीर हत्याकांड के मुख्य आरोपी रनदीप सिंह उर्फ राजा को पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार किया था, लेकिन रास्ते में हापुड़ के पास वह पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया।
कोट
इस तरह के मामलों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस टीम पर हमला करने वाले या सरकारी कार्य में बाधा डालने वाले अपराधियों के परिजनों पर भी जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - अजय गणपति, एसएसपी, ऊधमसिंह नगर