ऊधमसिंह नगर जिले में नामी कंपनियों के नाम पर बन रही नकली दवाइयों के सिंडिकेट का एसटीएफ ने पर्दाफाश किया है। टीम ने सुल्तानपुर पट्टी में सिडकुल क्षेत्र की कोविल बायोटेक में छापेमारी की। इस दौरान भारी मात्रा में नकली एलोपैथिक दवाइयां, पैकेजिंग मशीनें, अवैध अंग्रेजी शराब और आबकारी सामग्री बरामद की गईं। एसटीएफ ने फैक्टरी के तीन मालिकों में से एक को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
रविवार को एसटीएफ कुमाऊं यूनिट को सूचना मिली कि बाजपुर में नामी कंपनियों के नाम पर नकली दवाइयों को खपाने की तैयारी है। शनिवार सुबह एसटीएफ ने औषधि प्रशासन, स्थानीय पुलिस और आबकारी विभाग के साथ संयुक्त कार्रवाई की। कोविल बायोटैक फैक्टरी और एनएच-74 स्थित गोदाम पर छापे के दौरान करीब एक लाख टैबलेट और 15 हजार से अधिक सिरप की बोतलें बरामद हुईं। इनमें एंटीबायोटिक, एंटासिड, दर्द निवारक, न्यूरोपैथिक पेन, प्रोस्टेट, कैल्शियम, विटामिन और आयरन सप्लीमेंट जैसी जीवन रक्षक और सामान्य उपयोग की दवाइयां शामिल हैं। इसके अलावा मैकडॉवेल नंबर-1 के 1632 क्वार्टर, 1016 बोतल अवैध अंग्रेजी शराब, हजारों खाली शीशियां, रैपर, ढक्कन और उत्तराखंड आबकारी विभाग के होलोग्राम भी बरामद किए गए।
टीम ने मौके से यूपी के बुलंदशहर निवासी धीरेन्द्र को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि अभियुक्त बिना वैध औषधि निर्माण लाइसेंस के आयुर्वेदिक और फूड लाइसेंस की आड़ में स्टैडमेड, मैक्लोड्स, इंटास, सन फार्मा समेत कई नामी कंपनियों के नाम से नकली एलोपैथिक दवाइयों का निर्माण और पैकेजिंग कर बाजार में सप्लाई कर रहा था। फैक्टरी से एसएस टैंक, फिलिंग मशीन, सीलिंग मशीन, लेबलिंग मशीन समेत दवा निर्माण में प्रयुक्त कई उपकरण भी जब्त किए गए हैं।
पकड़े गए व्यक्ति का नाम शराब की तस्करी में आ चुका है। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। अवैध शराब बरामदगी पर आबकारी अधिनियम के तहत अलग से कार्रवाई की जा रही है। नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। -अजय सिंह, एसएसपी एसटीएफ