खटीमा में भारतीय पुरानी करेंसी एंव प्रिंट की गई नोटों की गड्डियों के साथ गिरफ्तार आरोपियों के सा?
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खटीमा। पुलिस ने पुराने भारतीय नोट बदलने के नाम पर जालसाजी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनसे नकली नोटों के 37 बंडल, दो कारें, एक-एक हजार के 22 पुराने नोट बरामद किए हैं।
सीओ मनोज कुमार ठाकुर के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम को 29 अक्तूबर को सूचना मिली कि पीलीभीत की ओर से दो कारों में कुछ संदिग्ध खटीमा की ओर आ रहे हैं। कोतवाल संजय पाठक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान सत्रहमील पुलिस चौकी के पास दो कारों को रोका। तलाशी लेने पर इन कारों से पुरानी भारतीय करेंसी के 37 बंडल बरामद हुए। ये सभी नोट एक-एक हजार रुपये के थे। इन बंडलों में पहला और आखिरी नोट कूटरचित थे जबकि बीच में सिर्फ सफेद कागज थे। सभी बंडलों से एक हजार रुपये के 22 पुराने नोट बरामद हुए।
पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम प्रफुल्ल प्रधान निवासी मोहल्ला शाहबाद प्रेम नगर बरेली, मुकेश कुमार निवासी काली मंदिर के पास पुराना शहर बारादरी बरेली, शशि कुमार निवासी तलारपुर जिला अलवर राजस्थान, कर्मवीर निवासी भूजावश हरियाणा, दीपक कुमार निवासी बुद्ध विहार विजय नगर गाजियाबाद यूपी बताया।
कोतवाल संजय पाठक ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे लोग नोटों को प्रचलित मुद्रा से बदलने के लिए खटीमा, टनकपुर और बनबसा आते हैं। उन्होंने बताया कि नेपाल में भारतीय विमुद्रीकृत मुद्रा चलती है। इसी का लालच देकर ये लोगों से जालसाजी करते थे। पांचों के खिलाफ धारा 34, 420, 467, 468 और 471 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
आरोपियों से बरामद माल
खटीमा। पुलिस ने आरोपियों से दो कारें, 37 बंडल भारतीय विमुद्रीकृत मुद्रा जिसमें प्रथम व अंतिम नोट प्रिंटेड हैं जबकि बीच में सफेद कागज लगाए गए थे। इसके अलावा हजार-हजार के 22 पुराने नोट। एक सूटकेस काले रंग का जिसके अंदर कूटरचित 1000 के नोट की 32 गड्डियां।