रिचा फैक्ट्री प्रबंधन के श्रमिकों का एसडीएम कार्यालय के सामने 24वें दिन भी धरना जारी रहा। श्रमिकों ने प्रबंधकों के खिलाफ जुलूस निकालकर एमपी चौक पर प्रदर्शन किया और पुतला फूंका। श्रमिकों ने प्रबंधन प्रशासन गठजोड़ मुर्दाबाद के नारे लगाए।
रविवार को दिन में तीन श्रमिकों को काम पर नहीं आने देने, एक को नौकरी से निकालने के विरोध में श्रमिकों का गुस्सा भड़क गया। श्रमिकों ने एसडीएम कार्यालय धरना स्थल से एसडीएम कोर्ट चौराहा, चीमा चौराहा से एमपी चौक तक जुलूस निकाल कर रिचा फैक्ट्री प्रबंध तंत्र और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारे लगाए।
रिचा प्रबंधन के पुतले की जूते चप्पलों से पिटाई कर भड़ास निकाली और पुतले को आग लगा दी। श्रमिकों ने प्रबंधन प्रशासन गठजोड़ मुर्दाबाद, निकाले गए श्रमिकों काम पर वापस लो के नारे लगाए। वक्ताओं ने प्रबंधन पर तीन श्रमिकों को उनकी सहमति के बिना जबरन काम के लिएर श्रमिकों को न्याय नहीं दिलाने का आरोप लगाया।
वहां पर योगेश पांडे, बलदेव सिंह, राधेश्याम, राजेश, दूसरे राज्य में भेजने, श्रमिकों के जाने में असमर्थ रहने पर काम पर नहीं
आने देने, एक श्रमिक को बिना किसी वजह नौकरी से हटाने, प्रशासन पमनोज नेगी, मनोज श्रीवास्तव, मनप्रीत, हरिशंकर, संजय, अनीश, इमरान, विशेष कुमार, पंकज आदि थे।