सिडकुल की फैक्ट्रियों से निकलने वाला जहरीला और केमिकल युक्त पानी अपर बैगुल नहर में प्रवाहित हो रहा है। इस कारण नहर पूरी तरह प्रदूषित हो गई है। सिंचाई विभाग के ईई ने एनजीटी और प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को पत्र लिखकर नहर में जहरीला पानी छोड़ रही फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया है। उन्होंने मामले से एसडीएम को भी अवगत कराया।
सिडकुल फेज टू के पास गढ़ी बीयर पर फैक्ट्रियों का जहरीला और केमिकल युक्त पानी अपर बैगुल नहर में प्रवाहित हो रहा है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता विजय पाल ने नहर का निरीक्षण किया और अधिशासी अभियंता संजय राज को जहरीले पानी की स्थिति से अवगत कराया।
ईई संजय राज ने बताया कि पिछले एक साल से अपर बैगुल नहर को फैक्ट्रियों द्वारा समय-समय पर गंदा कर दिया जाता है। कहा कि नहर में गंदे पानी की रोकथाम को लेकर पूर्व में कई बार सिडकुल के अधिकारी, उद्योगपति, एल्डिको और ट्रीटमेंट प्लांट के अधिकारियों के साथ बैठक हो चुकी है।
उद्योगपतियों ने भी जिंदल ट्रीटमेंट प्लांट को गंदा पानी ट्रीट करने के लिए देने पर सहमति जताई। एनजीटी ने भी जल प्रदूषण रोकने के लिए अधिकारियों की बैठक ली। लेकिन, नतीजा सिफर रहा। ईई ने बताया कि प्रदूषित पानी रोकने के लिए एनजीटी और पीसीबी को पत्र लिखा है। साथ ही एसडीएम अनिल शुक्ला से भी मामले में कार्रवाई के लिए आग्रह किया है।