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जीएसटी चोरी करने वाले बाहरी राज्यों के कारोबारी भी रडार पर

Sat, 27 Apr 2019 12:15 AM IST
अरुण कुमार अमर उजाला ब्यूरो 
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जीएसटी
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जीएसटी चोरी करने वाले 13 फैब्रिक बैग कारोबारियों पर शिकंजा कसने के बाद स्टेट जीएसटी की एसटीएफ की नजर जीएसटी चोरी कर प्रदेश में माल खपाने वाले दूसरे राज्यों के कारोबारियों पर है। चार दिन पूर्व हुई छापेमारी में एसटीएफ को स्थानीय कारोबारियों से जीएसटी चोरी करने वाले दूसरे कारोबारियों के लिंक भी मिले हैं। 13 कारोबारियों से जीएसटी और ब्याज सहित जुर्माना वसूली की कार्रवाई के बाद बाहरी कारोबारियों पर कार्रवाई की जा सकती है। 

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दरअसल एसटीएफ ने 23 अप्रैल को रुद्रपुर, खटीमा, सितारगंज, पिथौरागढ़ में फैब्रिक बैग का कारोबार करने वाली 13 फर्मों में छापेमारी कर करीब एक करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी पकड़ी थी। कारोबारी लंबे समय से जीएसटी चोरी कर करोड़ों का कारोबार कर रहे थे। इसके अलावा पांच कारोबारी ऐसे थे, जिन्होंने जीएसटी चोरी के साथ ही गलत तरीके से रिफंड भी हासिल किया था।

जांच में सात राज्यों में संगठित तरीके से जीएसटी चोरी भी उजागर हुई थी। इसकी जानकारी स्टेट जीएसटी अधिकारियों ने छह राज्यों के राज्य कर विभाग से साझा की थी। 13 फर्मों में छापेमारी के बाद एसटीएफ को दूसरे राज्यों के उन कारोबारियों के लिंक मिले हैं, जो राज्य में फैब्रिक बैग पांच फीसदी में खपाकर सरकार को जीएसटी का की चोरी कर रहे थे। 
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उत्तराखंड से मुनाफा कमाने के बावजूद जीएसटी चोरी करने वाले बाहरी कारोबारियों की भी सूची तैयार की जा रही है, ताकि इन पर कार्रवाई अमल में लाई जा सके। विभागीय सूत्रों की मानें तो रसूखदार कारोबारियों ने विभाग पर दबाव बनाने की कोशिश भी शुरू कर दी है।

डिप्टी कमिश्नर रजनीश यशवस्थी ने बताया कि बाहरी राज्यों से बड़ी मात्रा में फैब्रिक बैग प्रदेश में लाए जाते हैं लेकिन 18 फीसदी की बजाय पांच फीसदी जीएसटी में बिक्री/खरीद होना पकड़ में आया है। जीएसटी चोरी करने वाले बाहरी राज्यों के कारोबारियों को समन भेजने और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। जीएसटी चोरी करने वाले दूसरे राज्यों के कारोबारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। 

चार कारोबारियों ने रखा पक्ष, 29 तक मोहलत 
रुद्रपुर। एसटीएफ ने फैब्रिक बैग का कारोबार करने वाले 13 कारोबारियों को 26 अप्रैल तक मांगे गए दस्तावेजों सहित पक्ष रखने को कहा था। एसटीएफ के डिप्टी कमिश्नर रजनीश ने बताया कि शुक्रवार तक सिर्फ चार कारोबारियों ने दस्तावेजों सहित पक्ष रखा है। पिथौरागढ़ के एक कारोबारी ने पूूरा ब्योरा देने के लिए दो मई तक समय का मांगा है।

बचे कारोबारियों को 29 अप्रैल तक पूरा ब्योरा और पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद इनसे जीएसटी और ब्याज सहित जुर्माना जमा कराया जाएगा। पूरा ब्योरा मिलने के बाद ही कुल जीएसटी चोरी की राशि साफ हो पाएगी। उन्होंने बताया कि कारोबारियों से फैब्रिक बैग की बिक्री/खरीद, खाता, आधार कार्ड, माल लाने-ले जाने वाले वाहनों सहित कई ब्योरे मांगे गए हैं। 

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