महिलाओं को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए जागरूक किया गया। क्योंकि एक बेटी बचेगी तो दो कुल का नाम करेगी और पढ़ेगी तो कई का भविष्य बेहतर बनाएगी। यह बातें अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के तहत शनिवार को गांव मझरा पच्चू में आयोजित कार्यक्रम में कहीं गईं। इस मौके पर 47 आधी आबादी ने अपराजिता के संकल्प पत्र भरकर शपथ ली।
बुक्सा (जनजाति) बहुल गांव मझरा पच्चू में समाजसेवी राम सिंह के आवास पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए ब्लाक प्रमुख किशोरी देवी ने अपराजिता कार्यक्रम को सराहा। इस मौके पर दीदी संकल्प समिति की अध्यक्ष उमा जोशी ने कहा कि महिलाओं को बेटा-बेटी में भेदभाव नहीं करना चाहिए। भ्रूण हत्या कानूनी अपराध है। कहा कि बेटी को बचाने के साथ साथ बेटी की शिक्षा के प्रति सजग रहने की भी जरूरत है।
शिक्षिका प्रवीन शर्मा ने अपने बच्चों को सरकारी विद्यालयों में पढ़ाने, समय पर स्कूल भेजने की अपील की। इस मौके पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बीना रानी, सावित्री, मीना देवी, जयवंती, लालावती, शकुंतला, भवानी देवी, सुंदरी देवी, हटोली देवी, ममता देवी, गंगावती, विमला देवी, जीत सिंह आदि थीं।
- अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम से महिलाओं में जागरूकता आ रही है। यह मुहिम आने वाले समय में महिलाओं के लिए वरदान साबित होगी। - राजो देवी, महिला डेयरी सचिव गांव तोता बेरिया
- महिलाएं अपनी शक्ति को पहचानते हुए अपने अधिकारों के प्रति सजग रहे। बेटियों के लिए शिक्षा जरूरी है। क्योंकि बेटी शिक्षित होकर दो परिवारों को संभालती है। - पिंकी देवी सचिव वेशनवी स्वयं सहायता समूह गांव मझरा पच्चू
- बेटियों को शिक्षा के साथ साथ आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाना भी जरूरी है। बेटियां खुद सक्षम होंगी तो शोषण करने की किसी की हिम्मत नहीं होगी। - सरोज देवी गांव तोता बेरिया
-अपराजिता कार्यक्रम से महिलाओं के भीतर नई ऊर्जा का संचार होगा। समाज की जागरूक महिलाएं अन्य गांवों में जाकर बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ नारा बुलंद करें। - कमला देवी अध्यक्ष शिव स्वयं सहायता समूह
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