नगर निगम के विस्तार के बाद परिसीमन के फरमान बार-बार बदलने से अधिकारियों और कर्मचारियों के पसीने छूटे हैं। कभी 30 तो कभी 40 वार्ड बनाने का फरमान जारी होने से अफसर भ्रमित हो रहे हैं और उन्हें फिर नए सिरे से परिसीमन करना पड़ रहा है।
दरअसल, नगर निगम बोर्ड ने पिछले साल 16 गांव मिलाने का प्रस्ताव पारित किया था, जिसे शासन ने मंजूरी दे दी थी, लेकिन अधिसूचना जारी नहीं हुई। तब निगन ने 150 अधिकारी-कर्मचारी लगाकर पुराने 20 वार्डों में जनगणना कराई। सरकार ने विस्तार स्वीकार कर लिया। ग्राम प्रधानों ने देहरादून जाकर शासन में विस्तार का विरोध किया। शासन के आदेश पर संयुक्त मजिस्ट्रेट की सुनवाई के बाद आपत्तियां रद्द कर दी।
चार दिसंबर को अधिसूचना जारी हो गई। इसके साथ ही अधिकारी परिसीमन में जुट गए। सरकार ने नगर निगम को दो श्रेणियों में रखा, जिसकी जनसंख्या दो लाख से अधिक है उसके 40 वार्ड और जिसकी जनसंख्या एक लाख 30 हजार है, उसके 30 वार्ड बनाने थे। काशीपुर नगर निगम की पहली जनसंख्या एक लाख 21 हजार है। विस्तार वाले क्षेत्र की जनसंख्या करीब 87 हजार है। इस आधार पर काशीपुर नगर निगम में 40 वार्ड बनने हैं। अधिकारियों ने 40 वार्ड बनाने के लिए परिसीमन कर नक्शा तैयार कर लिया। नक्शे में 40 वार्ड बनाए गए।
तभी देहरादून से 30 वार्ड बनाने के निर्देश जारी हो गए। इस पर अधिकारियों ने 30 वार्ड बनाने के लिए नए सिरे से कार्य शुरू कर दिया। अधिकारियों ने 30 वार्ड के परिसीमन का काम पूरा किया तो अब पता चला कि शासन ने काशीपुर में 40 वार्ड बनाने का निर्णय लिया। यह जानकारी होते ही अधिकारी नए सिरे से 40 वार्डों का परिसीमन करने में जुट गए।
सहायक नगर अधिकारी एलएन मिश्र ने बताया कि जब लंबे समय तक विस्तार की अधिसूचना जारी नहीं हुई तो अगले चुनाव के लिए निगम के 20 वार्डों में 150 कर्मचारी लगाकर जनगणना की। अधिसूचना जारी होने पर वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार नगर निगम के 40 वार्ड बनने हैं। इस आधार पर परिसीमन कार्य पूरा किया। तभी 30 वार्ड बनाने का निर्देश मिलने पर नए सिरे से परिसीमन कार्य पूरा किया। अब सूचना मिल रही है कि शासन ने काशीपुर नगर निगम में 40 वार्ड बनाना तय किया है, लेकिन अभी तक इस संबंध में लिखित आदेश नहीं मिला है। आदेश मिलने पर ही 40 वार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू होगी।