एनएचआई की बदहाल सड़क की दशा सुधारने के लिए निर्माण कार्य न होने से आक्रोशित राज्य आंदोलनकारियों और व्यापारियों ने बृहस्पतिवार को सुबह से अनशन शुरू कर दिया। शाम को मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक, एसडीएम और निर्माण इकाई के अधिकारियों द्वारा दो सितंबर से कार्य शुरू करने का आश्वासन दिए जाने पर उन्होंने अनशन समाप्त कर दिया।
बता दें कि राज्य आंदोलनकारी विशाल गोयल, व्यापारी कामिल खान, तरुण ठाकुर, अनमोल अग्रवाल आदि ने नगर में पहेनिया बाईपास से बाजार होते हुए कुटरी तक बदहाल बनी सड़क में निर्माण कार्य शुरू न करने पर अनशन की चेतावनी दी थी। सड़क सुधारने का कार्य शुरू न होने पर बृहस्पतिवार की सुबह राज्य आंदोलनकारी विशाल गोयल व अन्य लोगों ने तहसील परिसर में अनशन शुरू कर दिया। आंदोलनकारी विशाल गोयल का कहना था कि उनकी मांग पहेनिया बाईपास से बाजार होते हुए कुटरी तक क्षतिग्रस्त सड़क के निर्माण की थी। जब तक यह मांग पूरी नहीं होती व अनशन जारी रहेगा।
शाम को विधायक पुष्कर धामी एसडीएम ऋचा सिंह आदि अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कहा कि दो सितंबर से निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा जो कि 15 सितंबर तक पूर्ण कर लिया जाएगा। विधायक पुष्कर सिंह धामी व एसडीएम न सभी को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। इस अवसर पर नंदन सिंह खड़ायत, सुनील रैदानी, भुवन जोशी, कैलाश पांडे, सतीश भट्ट, अजय मौर्य, हरप्रीत सिंह आदि थे।
पहेनिया से कुटरी के बीच बन रहे आठ किलोमीटर बाईपास निर्माण में एनएच द्वारा अधिग्रहीत की जा रही भूमि के मुआवजे के मामले में भूमि अध्यापित अधिकारी डीपी सिंह ने प्रभावित काश्तकारों से उनका पक्ष सुना। बैठक दोनों पक्षों ने अपने-अपने विचार रखे।
तहसील में हुई बैठक में विधायक पुष्कर सिंह धामी ने सुझाव रखा कि राजस्व विभाग की टीम प्रभावित गांव का भ्रमण कर सर्वे करे कि वास्तव में जमीन पर कौन काबिज हैं। पूर्व विधायक गोपाल सिंह राणा ने कहा कि क्रय-विक्रय करने वाले थारु व गैर थारु काश्तकारों के बीच आपसी सहमति से ही मामले का निपटाना पड़ेगा।
नंदन सिंह खड़ायत ने कहा कि प्रशासन केवल बैठकों तक सीमित है। पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष कुंवर सिंह खनका ने कहा कि हर हाल में काबिज काश्तकारों को मुआवजा मिलना चाहिए। अन्यथा कार्य नहीं होने दिया जाएगा। ब्लाक प्रमुख दान सिंह राणा ने पूर्व सैनिक संगठन व राणा थारु परिषद को इसमें पहल करने का सुझाव दिया। इस अवसर पर एसडीएम ऋचा सिंह, ग्राम प्रधान माया जोशी, लीला चंद, त्रिलोक सिंह बोरा, शेर सिंह सामंत, रमेश जोशी, गोपाल बोरा, प्रकाश तिवारी, महेश जोशी, अमित पांडे आदि थे।