सिडकुल की सेक्टर 11 में स्थित अमूल ऑटो कंपनी के कर्मचारियों को दो महीने का वेतन नहीं मिलने पर उन्होंने कंपनी गेट के आगे प्रबंधन के खिलाफ आर्थिक एवं मानसिक परेशानी होने पर प्रदर्शन किया। कोविड-19 के कारण कंपनी में प्रोडक्शन ठप होने पर एचआर को भी वेतन नहीं मिला है।
बुधवार को कंपनी गेट के आगे 63 कर्मचारियों ने (जिनमें ऑपरेटर से लेकर मेंटेनेंस कर्मी शामिल है) प्रबंधन के खिलाफ काम पर लिए जाने पर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें अप्रैल में 5000 रुपये और मई में 10000 रुपये वेतन दिया गया। पूरा वेतन नहीं मिलने पर वह घर का बिजली का बिल पानी का बिल और बच्चों की स्कूल की फीस नहीं भर पा रहे हैं। जिससे उन्हें आर्थिक संकटों से जूझना पड़ रहा है। फरवरी में 12-12 घंटे ड्यूटी करने के बाद भी होने सिंगल टाइम का ओवर टाइम दिया गया।
बताया कि मई में श्रम विभाग के लेबर इंस्पेक्टर द्वारा निरीक्षण करने पर कंपनी में त्रुटियां पाई गई थी। मुख्य रूप से डबल ओवरटाइम देने की बात थी। आरोप लगाया कि प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों को धमकी दी गई, प्रबंधन एसईडब्ल्यूएस का भी सदस्य है जिस कारण प्रशासन ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। प्रदर्शन करने वालों में महेंद्र मेहरा, पंकज चौधरी, शेर सिंह, विरेन्द्र सिंह, भगवती पंत, सुनील सिंह, उपेंद्र सिंह, सरोज कुमार, प्रवीण सिंह, पुष्कर नेगी, अनिल पाल, रामबाबू, विनोद कुमार और दिगंबर सिंह आदि थे।
इस संबंध में एचआर हेड दिवाकर पंत ने कहा कि कोविड-19 के कारण कंपनी में प्रोडक्शन ठप है, कंपनी में कब प्रोडक्शन शुरू होगा इस बारे में केवल प्रबंधन के उच्चाधिकारी ही बता सकते हैं। कंपनी के कर्मचारियों के साथ-साथ उन्हें भी वेतन मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में कर्मचारियों की मांग जायज है, उच्च अधिकारियों से बात करके शीघ्र ही समाधान निकाला जाएगा।