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पंतनगर विवि के शिक्षकों का कार्य बहिष्कार हुआ स्थगित

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पंतनगर यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पूटा) की मंगलवार को हुई आमसभा में शिक्षकों ने 19 मार्च से चल रहे कार्य बहिष्कार को स्थगित करने का निर्णय लिया। इससे छात्रावासों में पहुंचने के बावजूद छात्रों की पढ़ाई में चला आ रहा अवरोध खत्म हो गया। अब विवि के शोध और प्रसार कार्यक्रमों को भी गति मिल सकेगी।
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मंगलवार सुबह कृषि महाविद्यालय के सभागार में पूटा की आमसभा हुई। इसमें विभिन्न मांगों को लेकर चल रहे शिक्षकों के कार्य बहिष्कार और शासन, विवि प्रशासन की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों पर मंथन किया गया। शिक्षकों की ओर से सहमति के बाद पूटा अध्यक्ष डॉ. पीएन राय व महासचिव डॉ. प्रमोद मल्ल ने कार्य बहिष्कार स्थगित करने की घोषणा की। उन्होंने शिक्षकों से कार्य पर लौटने का आह्वान करते हुए कहा कि आंदोलन खत्म नहीं स्थगित किया गया है।
मांगें पूरी नहीं होने पर इसे फिर शुरू किया जाएगा। शिक्षक आंदोलन से छात्रों की पढ़ाई का नुकसान सभी शिक्षक अतिरिक्त कक्षाएं लेकर पूरा करें। किसी भी हाल में छात्रों की पढ़ाई का नुकसान नहीं होना चाहिए। इसके बाद पूटा पदाधिकारियों ने निदेशक प्रशासन को कार्य बहिष्कार स्थगित करने का पत्र लिखकर कहा कि आंदोलित शिक्षकों पर विवि प्रशासन किसी प्रकार की दंडात्मक कार्यवाही नहीं करेगा। शिक्षकों को मार्च का वेतन अविलंब भुगतान कराया जाएगा। दो अप्रैल को कुलपति की मौजूदगी में कृषि सचिव हरबंस सिंह चुघ के साथ शिक्षकों की बैठक में सुझाए गए विभिन्न बिंदुओं पर अमल किया जाएगा।
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विवि में एस्मा लगना शिक्षक एकता की जीत : डॉ. मल्ल
पंतनगर। पूटा महासचिव डॉ. प्रमाद मल्ल ने कहा कि सात सूत्री मांगों पर आंदोलित शिक्षकों से विवि प्रशासन न तो वार्ता ही कर पाया और न ही किसी समस्या का समाधान कर सका। लेकिन शासन से गुहार लगाकर विवि में एस्मा लागू करवा दिया। यह भी एतिहासिक है कि प्रदेश सरकार भी शिक्षक एकता के आगे झुक गई और उसे जब कोई उपाय नहीं सूझा तो उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार पंतनगर विवि जैसी जगह पर एस्मा लागू करने का निर्णय लेना पड़ा।
विवि में 2003 से पूर्व के दैनिक वेतन भोगियों का अनशन भी टूटा
पंतनगर। जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि में वर्ष 2003 से पूर्व दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्यरत रहे कर्मचारियों का अनशन भी खत्म हो गया है। निदेशक प्रशासन राजेंद्र सिंह ने समस्याओं का शीघ्र निदान करने का लिखित पत्र सौंपा। इसके बाद श्रम कल्याण अधिकारी क्रमिक अनशनकारी लीलाधर भट्ट, सुनील, हसीन और राजेश कुमार को जूस पिलाकर धरने से उठाया। यूनियन नेताओं ने प्रशासन को चेताया कि जल्द ही समस्याओं का निदान नहीं किया गया तो फिर से आंदोलन शुरू किया जाएगा। वहां मोर्चा अध्यक्ष जनार्दन सिंह, महामंत्री ओएन गुप्ता, डॉ. महेश शर्मा, संतोष कुमार, जगदीश कुमार, नागेंद्र व अजीज आदि लोग थे। (संवाद)
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