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समर्थ, संस्कारित भारत ही मूल उद्देश्य: स्नेहपाल

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सितारगंज श्री हरिकथा भारत दर्शन यात्रा में मौजूद बहनें। - फोटो : SITARGANJ
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सितारगंज। एकल श्री हरिकथा रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में श्री हरिकथा योजना रजत जयंती भारत दर्शन यात्रा में मुख्य वक्ता वरिष्ठ प्रचारक एवं श्री हरिकथा योजना के मार्गदर्शक स्नेह पाल ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य शिक्षित, स्वस्थ व समर्थ और संस्कारित भारत का निर्माण करना है।
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सोमवार को नगर के महाराजा अग्रसेन धर्मार्थ ट्रस्ट में यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान रामायण को केंद्र में रखकर हरिकथा से जुड़ी व्यास कथा पर बहनों की प्रतियोगिता हुई। शुभारंभ राम दरबार के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। लोक संस्कृति पर आधारित व देशभक्ति गीतों की सुंदर प्रस्तुति दी गई। प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में बहन मनीषा, बवली, तारा, सुष्मिता राणा और मंगेश्वरी राणा जीतीं। इसके बाद फाइनल प्रतियोगिता में बबली राणा ने प्रथम व सुष्मिता राणा ने द्वितीय स्थान हासिल किया। भुवन चंद्र पांडे, पंडित मनोज जोशी, भुवन जोशी, शांति पांडे ने निर्णायक की भूमिका निभाई।
दिनेश भारद्वाज व खूब सिंह विकल पर्यवेक्षक रहे। मुख्य वक्ता स्नेह पाल ने बताया कि देश भर में एक लाख दो हजार 52 एकल विद्यालय चल रहे हैं। इनमें 27 लाख 76 हजार 282 बच्चे अध्ययनरत हैं। इनमें से अकेले उत्तराखंड में 3255 विद्यालयों में 81 हजार 375 बच्चे शिक्षा ले रहे। अंत में भारत माता की आरती की गई। इसके बाद प्रसाद बांटा गया। यहां सभी ने गांव, धर्म और देश सेवा का व्रत लिया। वहां राज्य के संगठन मंत्री अरविंद कुमार कन्नौजिया, लाल सिंह दायमा, लक्ष्मण सिंह राणा, खीमानंद, राजाराम सिंघल, रोशन लाल अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल, प्रमोद सिंह, पूजा मेहर, फाल्गुनी सरकार, रामेश्वरी राणा, रश्मि नेगी, मनीषा, कुलवीर सिंह, ममता कोरंगा, चंचल सिंह, विद्या अग्रवाल, सतीश उपाध्याय, नवीन भट्ट, बलविंदर सिंह, श्याम मेहरा आदि थे।
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