काशीपुर। ऊधमसिंह नगर में सरकारी शिक्षा व्यवस्था का बुरा हाल है। कई साल से जिले में खंड शिक्षाधिकारी और उप शिक्षाधिकारियों की नियुक्ति नहीं हो सकी है। केवल तीन अधिकारियों के सहारे जिले का शिक्षा विभाग चल रहा है। हालात यह हैं कि प्रधानाचार्यों को अपने स्कूल के साथ-साथ अधिकारियों के रिक्त पदों का अतिरिक्त प्रभार संभालना पड़ रहा है। इसका सीधा असर पढ़ाई और बोर्ड परीक्षा परिणाम पर पड़ रहा है।
जिले में सात खंड शिक्षाधिकारी और सात उप शिक्षाधिकारी के पद स्वीकृत हैं। रुद्रपुर और खटीमा में ही खंड शिक्षाधिकारी कार्यरत हैं। उप शिक्षाधिकारी एक भी नहीं है। इन कार्यालयों का जिम्मा प्रधानाचार्य संभाल रहे हैं। मुख्य शिक्षाधिकारी और जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक का पद भी रिक्त चल रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक ने ही मुख्य शिक्षाधिकारी पद पर जिले की कमान थाम रखी है। काशीपुर में तैनात रही उप शिक्षाधिकारी गीतिका जोशी पदोन्नति पाकर मई 2022 में रामगढ़ नैनीताल की बीईओ बन गईं थी। इसके बाद कार्य का जिम्मा यहां तैनात बीईओ आरएस नेगी ने संभाला था। वह काशीपुर समेत जसपुर, बाजपुर के छह पदों का कार्य देख रहे थे। मार्च 2024 को पदोन्नति पाकर वह भी पौड़ी के जिला शिक्षाधिकारी बन गए थे। तब से यहां दोनों पद खाली चल रहे हैं। अधिकारियों के पदों की जिम्मेदारी के चलते प्रधानाचार्यों को बैठक, पत्राचार के जवाब, पठन-पाठन, विद्यालयों का निरीक्षण आदि कार्य करने पड़ रहे हैं। उन्हें अपने स्कूलों की व्यवस्थाओं के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है।
कोट....
रिक्त पदों की जानकारी अधिकारियों से लेकर मंत्री स्तर तक है। लंबे समय से खाली चल रहे पदों की जानकारी समय-समय पर मुख्यालय भेजी जा रही है। -हरेंद्र मिश्रा, मुख्य शिक्षाधिकारी, ऊधमसिंह नगर