जिले में 325 सरकारी स्कूल के नाम जमीन दर्ज नहीं, अधिकतर स्कूल दान की गई भूमि पर खड़े
रुद्रपुर। जिले में संचालित 325 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय के नाम जमीन दर्ज नहीं है। इनमें सबसे अधिक 163 स्कूल दशकों पहले दान की गई जमीन पर बने हुए हैं। ऐसे में स्कूल परिसर के विस्तार करने में दिक्कतें पेश आती हैं। इसको देखते हुए सीईओ ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को जमीनों को स्कूल के नाम दर्ज करने के कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।
जिले में 783 प्राथमिक और 200 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। कुल 983 में से 325 की भूमि विद्यालयों के नाम पर दर्ज नहीं है। इनमें से सबसे अधिक 162 विद्यालय दान की गई जमीन पर बने हुए हैं। कई दान की जमीनों के कागजात भी विभाग संभालकर नहीं रख सका है। कई स्कूल मौखिक रूप से दान की जमीन पर बने होने के कारण भी उनके दस्तावेज नहीं हैं। जमीन विद्यालय के नाम नहीं होने से निर्माण कार्यों में तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। कुछ जगहों पर छात्र संख्या बढ़ने के चलते भवनों का आकार बड़ा करने में पेच फंस रहा है। इसको देखते हुए सीईओ ने जमीनों को विद्यालयों के नाम दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
दान की जमीन 163
नजूल भूमि 18
पंतनगर विवि 09
किसान सोसाइटी 02
बंजर भूमि 05
खेल मैदान 04
युवक मंगलदल 05
सिंचाई विभाग 02
डिस्टि्रक बोर्ड 01
कोऑपरेटिव सोसायटी 01
सैनिक फार्म 01
ग्राम पंचायत 68
व्यक्तिगत जमीन 01
वनभूमि 23
पीएससी कैंप 02
पुर्नवास विभाग 01
प्लान्टेशन भूमि 01
तुमडि़या डाम क्षेत्र 06
नगर पालिका 11
सिडकुल 01
कुल योग 325
कोट:
कई विद्यालयों के नाम पर जमीन दर्ज नहीं है। 325 प्राथमिक विद्यालय ऐसे हैं, जिनके नाम जमीन दर्ज नहीं है। माध्यमिक विद्यालयों में भी कई विद्यालय ऐसे हैं जिनके नाम जमीन पंजीकृत नहीं है। ऐसे विद्यालयों का डाटा ऑनलाइन किया जा रहा है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को विद्यालयों के नाम जमीन दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। - रमेश चंद्र आर्या, मुख्य शिक्षा अधिकारी