काशीपुर। मूल्यांकन कार्य में ड्यूटी लगाने को लेकर कुछ शिक्षक और प्रभारी के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। दोनों को समझाने पर मामला शांत हो सका। प्राचार्य ने ड्यूटी नहीं करने वाले प्राध्यापकों की जानकारी शासन को भेजने की चेतावनी देने की बात कही है।
कुमाऊं विश्वविद्यालय की ओर से बीए प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए राधेहरि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय समेत सात मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। बुधवार सुबह मूल्यांकन कार्य के लिए कई प्राध्यापकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसको लेकर कुछ महिला प्राध्यापकों की मूल्यांकन प्रभारी से तीखी नोकझोंक हो गई। बाद में दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया गया। प्राध्यापकों का कहना है कि परीक्षा, प्रयोगात्मक समेत विभिन्न कार्य में ड्यूटी करने के बाद मूल्यांकन कार्य में भी ड्यूटी कैसे की जा सकती है।
बता दें महाविद्यालय में 16 दिसंबर से मूल्यांकन प्रक्रिया चल रही है। इसमें ड्यूटी लगाने के लिए प्राध्यापकों को वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण करना था लेकिन जिन लोगों का पंजीकरण नहीं हो सका, उनकी सूची महाविद्यालय स्तर पर तैयार करके उच्चाधिकारियों को भेजने की बात कही जा रही है।
कोट
महाविद्यालय में 16 दिसंबर से मूल्यांकन प्रक्रिया चल रही है। विवि से 28 दिसंबर तक कार्य पूरा करने के निर्देश मिले हैं। समय अवधि में मूल्यांकन कार्य पूरा करने के लिए महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकों की ड्यूटी लगाई जा रही है। मूल्यांकन प्रभारी से महिला प्राध्यापक की बहस हुई है। कुमाऊं विवि ने सभी की ड्यूटी लगाने के मौखिक निर्देश दिए हैं। ड्यूटी नहीं करने वाले प्राध्यापकों की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जाएगी।
- डॉ. विनोद प्रकाश अग्रवाल, प्राचार्य, राधेहरि पीजी कॉलेज काशीपुर