दुर्गा फाइबर कंपनी में आग की लपटें देखकर आसपास की कंपनियों में अलर्ट जारी कर दिया गया था। दमकल विभाग के अनुरोध पर 10 कंपनियों ने कर्मचारियों की छुट्टी कर कामकाज बंद कर दिया। साथ ही बिजली के सभी उपकरणों को बंद कर दिया था। कंपनियों तक आग न पहुंचे इसके लिए आसपास खाली जगहों पर पानी का लगातार छिड़काव किया गया। कंपनी के प्रबंधक आग को बुझाने के लिए दमकल कर्मियों से मिन्नतें करते नजर आए।
हवाओं से विकराल हुई आग की लपटें
कंपनी में आग लगने के बाद तेज हवाएं चलने लगी, जिससे आग की लपटें तेज हो गई थीं। आग की लपटें हवा के साथ उठने लगी तो हर कोई सहम गया। इधर, आग से गोदाम और पूरी बिल्डिंग जल गई। कंपनी से निकल रहा काला धुआं देखकर लोग दहशत में नजर आए। आग का धुआं पूरा सिडकुल में फैलने के साथ ही पंतनगर तक पहुंच गया, जिससे वायु प्रदूषण में सामान्य दिनों के मुकाबले काफी बढ़ गया।
11 दमकल गाड़ियों ने पाया आग पर काबू
सीएफओ वंश बहादुर यादव ने बताया कि आग लगने के बाद रुद्रपुर समेत आसपास के शहरों ने फायर वाहनों को बुलाया गया। हल्द्वानी से एक, सितारगंज से एक, रुद्रपुर से दो, सिडकुल से दो वाहनों के साथ ही सिडकुल की अशोक लीलैंड, हिंदुस्तान जिंक, टाटा मोटर्स व बजाज कंपनी के एक एक निजी फायर वाहन आग बुझाने के लिए लगाए गए।
रात को होता हादसा तो हो सकती थी जनहानि
दमकल अधिकारियों के अनुसार आग दिन में लगने से उसे बुझाने में हरसंभव कोशिश की गई। यही आग रात को लगती तो जनहानि हो सकती थी। गनीमत रही कि सोमवार को कंपनी में 100 कर्मचारी काम पर आए थे। 200 कर्मचारियों के साथ ही प्लांट हेड छुट्टी पर थे। सीएफओ वंश बहादुर ने बताया कि आग में 10 कर्मचारी शुरू में घिर गए थे लेकिन सभी सकुशल बाहर आ गए। अन्य दिनों के हिसाब से कर्मचारी ड्यूटी पर होते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
सिलिंडर लेकर भागे कर्मचारी
जिस समय कंपनी में आग धधकी उसी समय कंपनी के बाहर 50 से ज्यादा एलपीजी के भरे गैस सिलिंडर रखे थे। कर्मचारियों ने सूझबूझ का परिचय देकर सभी सिलिंडरों को मौके से हटा दिया। सिलिंडर नहीं हटाए जाते तो कंपनी में ब्लास्ट हो सकता था।