रुद्रपुर। समाज के लिए कुछ करने का जज्बा हो तो सफलता अवश्य मिलती है। इसे सच साबित किया है सेवानिवृत्त स्वास्थ्य निदेशक डॉ. ललित मोहन उप्रेती ने। वह लोगों को अंगदान, शरीर दान के लिए प्रेरित कर रहे हैं। प्रयास रंग भी लाए हैं। अबतक 34 लोगों का मृत्युपरांत नेत्रदान कराने में सफलता मिली है।
मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के खेती (धौलादेवी) निवासी डॉ. उप्रेती ने सेवानिवृत्ति के बाद समाज के लिए कुछ करने की ठानी। नेत्रदान के क्षेत्र में काम कर रहे सीआर मित्तल आई रिट्रीवल सेंटर रुद्रपुर में बतौर निदेशक जुड़ गए। स्वैच्छिक नेत्रदान के लिए संकल्प पत्र भरवाने का अभियान छेड़ा गया। डॉ. उप्रेती बताते हैं कि काॅर्निया सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के माध्यम से निकाली जाती है और जरूरतमंद दृष्टिहीनों को प्रत्यारोपित की जाती है।
बताते हैं कि मानव अंगों की जरूरतमंदों को काफी आवश्यकता है। लोगों को अंगदान के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
मृत्यु के बाद गुर्दा, लीवर, फेफड़ा, दिल के वाल्ब, चमड़ी दान के लिए संकल्प पत्र भरवाए जा रहे हैं। मैदानी इलाकों के साथ ही गैरसैंण, मुनस्यारी, डीडीहाट समेत कई पहाड़ी इलाकों से नेत्रदान, अंगदान के संकल्प पत्र भरवाए गए हैं।