आईपीएस अधिकारी डा. सदानंद दाते की निष्पक्ष कार्यशैली और उनके कार्यकाल में हुए खुलासे उन्हें एक सुपर कॉप बनाते हैं। अपने डेढ़ साल के कार्यकाल के दौरान उन्होंने हत्या, लूट जैसी कई वारदातों का खुलासा किया और अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा। सितारगंज क्षेत्र में सक्रिय दो माओवादियों की धरपकड़ और खटीमा में खालिस्तान आंदोलन को हवा देने वाले दो लोगों की गिरफ्तारी भी दाते के कार्यकाल में हुई।
आईपीएस अधिकारी डा. सदानंद दाते ने 22 मार्च 2017 को एसएसपी ऊधमसिंह नगर का चार्ज लिया था। इस दौरान जिले में कई ऐसे आपराधिक मामले थे, जिनकी गुत्थी सुलझी नहीं थी और कई मामलों में तो पुलिस फाइनल रिपोर्ट लगाने की तैयारी कर रही थी। इसमें भाजपा नेता राजेश मान के साथ काशीपुर क्षेत्र का सरिता हत्याकांड प्रमुख था।
पदभार संभालने के बाद डॉ. दाते ने दोनों मामलों की फाइलें खुलवाईं और छह माह के भीतर दोनों हत्याओं का खुलासा करके आरोपियों को जेल भेजा। साथ ही कोतवाली क्षेत्र में बक्से में बंद मिली महिला और नवजात शिशु के शव के रहस्य को भी एसएसपी ने ही सुलझाया। दाते को जब करोड़ों के एनएच-74 घोटाले की जांच सौंपी गई तो काफी दबावों के बाद भी उन्होंने जांच में कोई असर नहीं आने दिया।
नतीजतन कई पीसीएस अधिकारियों, सरकारी कर्मियों, किसानों के साथ बिल्डरों को सलाखों के पीछे भेजे गए। साथ ही दो आईएएस अफसरों को भी कटघरे में खड़ा कर दिया। वर्षों से लंबित पड़े टीडीसी बीज घोटाले का पर्दाफाश भी दाते के नेतृत्व में ही हुआ। साथ ही शिक्षा विभाग में फर्जी मार्कशीट और स्वास्थ्य विभाग में फर्जी टीए बिल के लिए भी दाते के नेतृत्व में एसआईटी का गठन हुआ। किच्छा समीर हत्याकांड का खुलासा भी दाते के कार्यकाल में ही हुआ।
नशे के खिलाफ जलाई अलख
रुद्रपुर। नशे के कारोबार का गढ़ माने जाने वाले यूएसनगर को नशा मुक्त करने के लिए एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने सबसे अधिक प्रयास किया। तैनाती के तीन दिन बाद ही दाते नशा कारोबारियों की सुरागकशी को ग्राहक बनकर रंपुरा क्षेत्र में पहुंचे। इसके बाद लगातार शराब माफियाओं और नशा कारोबारियों पर नकेल कसते रहे। स्कूली बच्चों को नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए जहां दाते ने कार्निवाल का आयोजन कर ‘से नो टू ड्रग्स’ की मुहिम चलाई। वहीं, अमर उजाला की पहल पर स्कूलों में नशा विरोधी टीम का गठन कर पुलिस की पाठशाला भी आयोजित की।
पुलिस के साथ समाज हित को किए कार्य
रुद्रपुर। समाज की सुरक्षा के प्रति जागरूक एसएसपी डॉ. दाते ने अपने कार्यकाल में जहां पूरे जिले को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया, वहीं काशीपुर में सीपीयू भी लांच की। फरियादियों की मदद को हर थाने में हेल्प डेस्क बनाई और पुलिस परिवारों के लिए लाइन में पुस्तकालय की व्यवस्था की। पुलिस विभाग में कार्यरत महिलाओं के छोटे बच्चों की देखरेख के लिए एसएसपी डॉ. दाते ने लाइन में क्रेच केंद्र का निर्माण भी कराया।
-------
मिसाइल के ढेर पर बैठे पतरामपुर को दी राहत
रुद्रपुर। जसपुर थाना क्षेत्र के पतरामपुर में 14 वर्ष से दबी 555 मिसाइलें भी एसएसपी डॉ. दाते के प्रयास से निष्क्रिय हुईं। इससे बारूद के ढेर पर बैठे पांच गांवों के लोगों को राहत मिली। साथ ही खनन माफिया पर नकेल कसने के लिए गैर जनपदों में सीमा से जाने वाले चोर रास्तों को बंद करने की कार्रवाई भी पहली बार डॉ. दाते की ओर से की गई, जिससे अवैध खनन पर काफी हद तक रोक लगी।