रुद्रपुर/काशीपुर। राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में संचालित आयुर्वेदिक केंद्रों पर फार्मासिस्टों और सहायकों की कमी है। केंद्रों में तैनात चिकित्सकों को मरीजों की जांच के साथ-साथ दवा वितरण का कार्य भी करना पड़ रहा है।
राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नारायण नगर, ढकिया नंबर एक, परमानंदपुर, महुआखेड़ा गंज में आयुर्वेदिक केंद्र संचालित हैं। परमादंपुर केंद्र को छोड़कर अन्य स्थानों पर चिकित्सक तैनात हैं। मंगलवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने इन केंद्रों की पड़ताल की। इस दौरान सभी केद्रों पर मरीज जांच कराते हुए मिले। हालांकि यहां चिकित्सक मरीजों की जांच के साथ-साथ दवा लिखने, बांटने, दवाइयों की डिमांड बनाने, पत्राचार आदि कार्य स्वयं कर रहे थे। चिकित्सकों ने बताया कि सहायक नहीं मिलने से भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बार-बार मांग करने के बाद भी उन्हें सहायक उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं।
2017 में यहां तैनाती ली थी। उस समय इक्का दुक्का ही मरीज आते थे। प्रयास करने पर अब ओपीडी करीब 25-30 तक पहुंच रही है। दवाइयां भी पर्याप्त है। एक सहायक की आवश्यकता है। - डॉ. एलके मिश्रा, पीएचसी नारायण नगर
अस्पताल में रोजाना की ओपीडी 35 तक पहुंच रही है। मरीजों की जांच करने के साथ उन्हें दवाइयां बांटने और अन्य कार्यों में समय लग जाता है। सहायक का पद सृजित करने की सख्त जरूरत है। - डॉ. ज्ञानेंद्र भंडारी, पीएचसी ढकिया नंबर एक
जिले में आयुष विंग में पांच फार्मासिस्टों के पद खाली हैं। इसके कारण कुछ अस्पतालों में दवा वितरण का अतिरिक्त कार्य चिकित्सकों को करना पड़ रहा है। कुछ केंद्राें पर संविदा के तहत कर्मचारी तैनात किए गए हैं। रिक्त पदों की सूची शासन को भेजी गई है। -डॉ. निवेदिता जोशी, जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी