डीएम रंजना राजगरू ने मंगलवार को तहसील मुख्यालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कम वसूली पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को फटकार लगाने के साथ ही वसूली के मापदंड जल्द पूरे करने के निर्देश दिए।
डीएम ने उन्होंने रजिस्ट्रार कानूनगो हेमराज सिंह चौहान से रजिस्ट्री और दाखिल खारिज को लेकर जानकारी ली। उन्होंने दाखिल खारिज में हो रही देरी की शिकायतें मिलने की बात कहते हुए जल्द वाद सुनकर निस्तारित करने के निर्देश दिए। सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई सूचना को तय समय सीमा में देने के निर्देश दिए। कहा कि लोगों की ओर से सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई कई सूचनाएं बहुत ही महत्वपूर्ण होती हैं।
इसलिए उन्हें जल्द से जल्द उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने पालिकाध्यक्ष और सभासदों के बीच विवाद मामले की जांच एडीएम की अगुवाई में चार सदस्यीय कमेटी की ओर से कराने की बात कही। कहा कि पालिका बोर्ड में किसी भी प्रकार का विवाद नहीं होना चाहिए। विवाद होने से नगर के विकास कार्य प्रभावित होने के साथ आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहां एडीएम एपी बाजपेई, तहसीलदार भूपेंद्र सिंह चौहान, लेखपाल सतपाल सिंह, मुकेश कुमार आदि थे।
डीएम ने दिए निर्धारित शुल्क की सूची चस्पा करने के निर्देश
बाजपुर। डीएम ने मंगलवार को एसडीएम और तहसील दफ्तर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान एक महिला ने 15 दिन से स्थायी प्रमाणपत्र नहीं बनने की शिकायत की। तहसील परिसर में खड़े वाहनों को हटाने, पार्किंग में जलभराव सहित कई समस्याओं को लोगों ने रखा। डीएम ने जन सेवा केंद्र में आय, जाति, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, खतौनी, पीएम किसान निधि आदि पटलों का निरीक्षण किया।
डीएम ने कहा कि इन पटलों पर दस्तावेजों की एवज में जो शुल्क लिया जाता है, उसकी सूची बनाकर चस्पा की जाए। शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका ईओ को नगर में सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही सभी दफ्तरों में कोविड-19 के तहत सामाजिक दूरी, मास्क पहनने और सैनिटाइजर का प्रयोग करने को कहा। वहां एसडीएम एपी वाजपेयी, तहसीलदार प्रेम सिंह चौहान आदि थे। संवाद