काशीपुर में टूटे डिवाइडर से वाहन निकालता चालक।
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रामनगर रोड पर क्षतिग्रस्त डिवाइडर मौत का कट बन गए हैं। पांच साल से डिवाइडरों की मरम्मत नहीं हुई। कुछ दुकानदारों ने तोड़ दिए तो कहीं वाहनों की टक्कर से डिवाइडर टूटे पड़े हैं। हर दस मीटर पर बने कट से शार्टकट के चक्कर में लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। इसके बावजूद विभाग ने इन डिवाइडरों के सुधारीकरण के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
मुरादाबाद-रामनगर रोड पर पीडब्ल्यूडी कार्यालय के सामने से राजकीय चिकित्सालय तक सड़क के दोनों ओर डिवाइडर बनाए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने चीमा चौराहे पर बोल्डर लगाकर सड़क को वन-वे कर दिया है। ऐसे में शार्ट कट से निकलने के प्रयास में वाहन चालकों ने डिवाइडर को कई स्थानों पर तोड़ दिया है। टूटे डिवाइडर से शार्ट कट में निकलने के प्रयास में चार दिन पूर्व ट्रक की चपेट में आकर साइकिल सवार किराना व्यापारी की मौत हो चुकी है। कई लोग इस प्रयास में दुघर्टना के शिकार हो रहे हैं। लंबे समय से चौराहे को खोले जाने की मांग के बावजूद प्रशासन कोई सुध नहीं ले रहा है।
वहीं कई स्थानों पर तेज रफ्तार वाहनों के डिवाइडरों पर चढ़ जाने से भी ये क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। कोहरे व तेज रफ्तार के कारण कई बार वाहन अक्सर डिवाइडर से चढ़कर विद्युत पोलों से टकरा चुके हैं। जिससे विद्युत पोल भी टेढ़े हो चुके हैं। रामनगर रोड पर बने डिवाइडरों की मरम्मत पांच साल से नहीं हुई।
रामनगर रोड के सुधारीकरण के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। यह कार्य काशीपुर से 12 किमी तक होना है। इसी में डिवाइडर बनाने का कार्य भी किया जाना है। फिलहाल कोहरे के मद्देनजर डिवाइडर की मरम्मत जल्द कराई जाएगी।
-महेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता, एनएच