राहत देने वाली बिजली अब औद्योगिक इकाइयों के लिए दिक्कत बन गई है। बराबर बिजली नहीं मिलने से औद्योगिक इकाइयों का बुरा हाल है।
बार-बार शिकायत के बावजूद पिछले एक महीने से विभाग कोई हल नहीं निकाल सका। इससे लोगों में बिजली विभाग के सुस्त रवैये पर आक्रोश है।
जसपुर रोड पर मदर बोन फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, नेशनल सीड्स, कैपेक्स बट्री, ओम इंडस्ट्रीज सहित करीब 20-25 छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयां स्थापित हैं।
इन उद्योगों को बिजली गढ़ी नेगी फीडर से मिलती है। इसके अलावा इसी फीडर से बैलजुड़ी, बैंतवाला, गढ़ीनेगी कुंडा, भरतपुर, करनपुर, केसरी, बभराला सहित करीब 40 से 50 गांवों को बिजली की आपूर्ति की जाती है।
आरोप है कि पिछले एक महीने से विभाग औद्योगिक इकाइयों को बिजली की आपूर्ति नहीं कर पा रहा है। दस-दस घंटे बिजली की अघोषित कटौती हो रही है।
इस वजह से औद्योगिक इकाइयां चल नहीं पा रही हैं और उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। अगर बिजली आती है तो थ्री फेस के बजाय दो ही फेस में बिजली होती है।
इससे भी औद्योगिक इकाइयां चल नहीं पाती है। बताया जाता है कि गढ़ी नेगी फीडर में तीन मशीने लंबे समय से खराब हैं।