हरियावाला चौक में शहीद भगत सिंह की मूर्ति के अनावरण से पहले ही बखेड़ा खड़ा हो गया। मूर्ति में लगाए शिलापट में दो स्थानीय नाम लिखे होने पर ग्रामीण दो खेमों में बंट गए। एक खेमे के लोग नाम को मिटाने पर अड़ गए। दोनों नामों को दो-तीन दिन में हटाने और उनके आगे चिट लगाने के बाद ही मूर्ति का अनावरण हो सका।
बृहस्पतिवार को हरियावाला चौक में शहीद भगत सिंह की मूर्ति के अनावरण कार्यक्रम में सांसद भगत सिंह कोश्यारी को पहुंचना था। किसी कारण वे कार्यक्रम में नहीं पहुुंचे। इस दौरान विधायक हरभजन सिंह चीमा और पूर्व सांसद केसी बाबा पहुंच गए।
इससे पहले मूर्ति का अनावरण होता, शिलापट में दो स्थानीय नाम लिखे होने पर दो खेमों में बंटे लोगों में बहस हो गई। गहमागहमी के बीच ग्रामीण सतपाल चौधरी ने कहा कि चौक को जिस तरह से तैयार करने का प्रस्ताव था, उस तरह काम नहीं हुआ है।
उन लोगों को अंधेरे में रखकर काम किया गया है। बुधवार शाम तक पता नहीं था कि पत्थर में स्थानीय नाम लिखे गए हैं। जिला पंचायत सदस्य ताहिर चौधरी ने कहा कि राजनीति नहीं होनी चाहिए। अगर नाम लिखने ही थे तो साइड में अलग से बोर्ड लगाकर लिखे जाते। दूसरे पक्ष ने भी कह दिया कि दो नाम हटे तो सारे हटा दिए जाएं।
दोनों ही खेमों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला तो विधायक चीमा ने माइक संभालते हुए विवाद नहीं करने की गुजारिश की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों में राजनीति नहीं होनी चाहिए। पूर्व सांसद केसी बाबा ने भी लोगों को शांतिपूर्वक विवाद निपटाने की सलाह दी। करीब डेढ़ घंटे तक चले हंगामे के बाद विवादित नामों पर चिट चिपकाई गई।
बाद में भगत सिंह के पोते अजीत पाल सिंह के साथ विधायक चीमा, सांसद बाबा ने फीता काटकर मूर्ति का अनावरण किया। इस मौके पर मेयर उषा चौधरी, ब्लाक प्रमुख गुरमुख सिंह, पूर्व पालिकाध्यक्ष मुकेश मेहरोत्रा, संदीप सहगल, नाजिर हुसैन, ज्ञान सिंह, कुलविंदर सिंह, संजीव चौहान, मनमीत सिंह, ताहिर चौधरी आदि मौजूद रहे।
सड़क में बहा डिब्बे का रंग
हरियावाला चौक में भगत सिंह की मूर्ति के अनावरण से पहले एक खेमे के लोग विवादित नाम मिटाने पर अड़ गए। जैसे ही आपसी सहमति के बाद अतिथि अनावरण करने पहुंचे तो विरोधी पक्ष के लोगों ने दोनों नामों को पोतने के लिए काला रंग मंगवा लिया।
जैसे ही डिब्बा मूर्तिस्थल पर पहुंचा तो दूसरे पक्ष के लोगों ने उसे पकड़कर सड़क में फेंक दिया। जिससे डिब्बे का रंग सड़क में बह गया। जिसको लेकर दोनों पक्षों में खूब बहसबाजी और धक्कामुक्की तक हुई।
कोश्यारी की तरफ से मांगी माफी
हरियावाला चौक में हुए कार्यक्रम में विधायक हरभजन सिंह चीमा ने सांसद भगत सिंह कोश्यारी के नहीं पहुंचने पर उनकी तरफ से माफी मांगी। उन्होंने बताया कि नेपाल से लौटकर कोश्यारी को कार्यक्रम में पहुंचना था। लेकिन दिल्ली में एक अहम बैठक में हिस्सा लेने की वजह से वह कार्यक्रम में नहीं आ सके। कोश्यारी ने फोन पर कार्यक्रम में नहीं पहुंचने पर खेद जताया।
मूर्ति के लिए किया चंदा
ग्रामीणों ने आपसी सहयोग और चंदा एकत्र कर मूर्ति स्थापित करने और चौक का सुंदरीकरण किया था। लेकिन शिलापट में नाम लिखने को लेकर दोनों में गहमागहमी हो गई। एक ग्रामीण ने कहा कि जब सभी ग्रामीणों ने सहयोग किया था तो नाम नहीं लिखे जाने चाहिए थे।
मूर्ति अनावरण को लेकर हुए हंगामे में ग्रामीण जरुर दो गुटों में बंट गए। उधर कुछ लोगों ने तो यहां तक कहा कि भगत सिंह के नाम के साथ अन्य किसी नेता के नाम का शिलापट नहीं होना चाहिए। भगत सिंह की तुलना किसी से की नहीं जा सकती है।
विवाद के पीछे राजनैतिक वजह भी
हरियावाला चौक में भगत सिंह की मूर्ति के साथ लगाए शिलापट में लिखे दो नामों को लेकर डेढ़ घंटे तक चले बवाल के पीछे राजनैतिक वजह भी थी। एक खेमे के लोग जहां कांग्रेसी, वहीं दूसरे खेमे के लोग भाजपा समर्थित थे।
जैसे एक खेमे के लोगों को दो स्थानीय नाम शिलापट में लिखे दिखाई पड़े तो उनका पारा चढ़ गया। सुबह से चल रहा गुस्सा, दोपहर बाद तक उफान पर आया, जब अतिथियों का पहुंचना शुुरु हुआ। दो नामों को लेकर नाराजगी इस हद तक जा पहुंची तो एक खेमे के लोगों ने नाम तो क्या शिलापट तक हटा देने की बात कह डाली।
इतनी गहमागहमी हुई दोनों ही पक्ष विधायक चीमा और पूर्व सांसद बाबा के समक्ष एक दूसरे पर जोर-जोर से चिल्लाते रहे। जब पानी सिर से ऊपर हो गया तो बाबा कुछ देर के लिए आयोजनस्थल से हटकर किनारे चले गए। हालांकि कुछ मिनट बाद वे उद्घाटन करने वापस भी आ गए।
डॉ. हेडगेवार द्वार का लोकार्पण
बाजपुर रोड में आवास विकास में विधायक निधि से बने डॉ. हेडगेवार द्वार का लोकार्पण शुभारंभ विधायक हरभजन सिंह चीमा ने किया।
इस अवसर पर मेयर ऊषा चौधरी, नगर अध्यक्ष मोहन बिष्ट, कृष्ण कुमार अग्रवाल, सोमप्रकाश शर्मा, पार्षद सोना सेठी, आशा जग्गा, कविता यादव, गुरविंदर सिंह चंडोक, सोमनाथ शर्मा, बंसती देवी, मंगतराम शर्मा, कृष्ण कुमार अग्रवाल, अरविंद राव आदि थे।
मूर्ति के साथ सेल्फी खिंचवाने की होड़
हरियवाला चौक पर भगत सिंह की मूर्ति का अनावरण होने के साथ लोगों ने खूब फोटो खिंचवाई। सबसे ज्यादा जोश नौजवानों का था, जो मूर्ति के साथ सेल्फी खिंचवाते रहे। कई ने तो मूर्ति के साथ वीडियो रिकार्डिंग भी बनाई।