खटीमा में रामकुमारी अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर इंका में पौधा रोपण करते सीएम पुष्कर सिंह धामी।
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खटीमा। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हरेला पर्व प्रकृति के संरक्षण का त्योहार है। धामी ने कहा कि उनका प्रयास है कि हरेला पर्व में जन-जन की भागीदारी हो और आने वाली पीढ़ी भी इसकी भागीदार बने। हमें पौधे रोपने तक ही सीमित नहीं रहना है वरन उनके संरक्षण एवं संवर्धन भी ध्यान देना होगा।
शुक्रवार को सीएम ने नगरा तराई स्थित आवास पर रुद्राक्ष और आम के पेड़ रोपे। उद्यान अधिकारी जगत चंद रजवार, डीएफओ संदीप कुमार, रेंजर राजेंद्र सिंह मनराल, पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा, पवन अग्रवाल आदि ने पौधरोपण में सहयोग किया। सीएम ने राधास्वामी सत्संग घर के परिसर में पौधे लगाए। सीएम ने वन एवं उद्यान विभाग से आपसी सामंजस्य से पौधरोपण और रोपे गए पौधो का संरक्षण करने के लिए कहा। विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में सीएम का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उन्होंने श्रावण मास की शुरुआत होने पर सभी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं भी दीं।
कांवड़ यात्रा में छह करोड़ श्रद्धालु पहुंचेेंगे: धामी
खटीमा। सीएम ने कहा कि दो साल बाद शुरू हो रही कांवड़ शिव भक्त यात्रा में इस बार लगभग छह करोड़ शिव भक्त देव भूमि उत्तराखंड में पहुंचेंगे। सरकार ने इनके स्वागत की पूरी तैयारी कर ली है। संवाद
प्रकृति के संरक्षण का दिन है हरेला
हरेला पर्व धार्मिक मान्यताओं, प्रकृति संरक्षक व कृषि के परंपरागत ज्ञान का अद्भुत मिश्रण है। हरेला पर्व प्रकृति के संरक्षण का दिन भी है। यह पर्व हमारे पूर्वजों के शुरुआती कृषि ज्ञान की समृद्ध परंपरा को भी बताता है। कहते हैं कि यदि हरेला अच्छा नहीं हुआ तो माना जाता है कि मिट्टी या बीजों की गुणवत्ता में कमी है। आज की हर युवा पीड़ी का दायित्व है कि अपनी लोक संस्कृति व पर्वों को वैज्ञानिक दृष्टि से देखें।
-डॉ. कमल किशोर पांडेय, प्राचार्य, सरदार भगत सिंह डिग्री कॉलेज रुद्रपुर