रुद्रपुर। अघोषित बिजली कटौती के विरोध में शुक्रवार को पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल सैकड़ों लोगों के साथ ऊर्जा निगम के एसई (अधीक्षण अभियंता) कार्यालय के भीतर धरने पर बैठ गए। अघोषित कटौती बंद करने का आश्वासन मिलने तक धरने से न उठने के उनके एलान से ऊर्जा निगम के अधिकारियों के साथ पुलिस-प्रशासन में भी खलबली मच गई।
इसके चलते विधायक शिव अरोरा की ऊर्जा निगम सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक करीब एक घंटा स्थगित करनी पड़ी। करीब दो घंटे बाद दिनभर में सिर्फ दो-तीन घंटे बिजली की रोस्टिंग के आश्वासन पर पूर्व विधायक धरने से उठे। इस दौरान पूर्व विधायक व वर्तमान विधायक के समर्थकों में टकराव की स्थिति की आशंका के चलते कार्यालय परिसर व गेट पर पुलिस फोर्स तैनात रहा।
सुबह करीब 10 बजे पूर्व विधायक ठुकराल सैकड़ों लोगों के साथ एसई कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अघोषित बिजली कटौती के विरोध में एसई राजकुमार, ईई जेएस कार्की व संजय तिवारी का घेराव किया। ठुकराल ने कहा कि जिला मुख्यालय होने के बावजूद रुद्रपुर में रोजाना आठ से 10 घंटे तक बिजली काटी जा रही है जबकि जिले की सीमा से सटे यूपी के सीमांत क्षेत्रों में प्रतिदिन 24 घंटे बिजली आ रही है।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा प्रदेश होने के बावजूद उत्तराखंड की जनता बिजली संकट से जूझ रही है। बिजली कटौती से सिडकुल के उद्योगों के साथ ही कुटीर उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। इसके बाद पूर्व विधायक एसई कार्यालय के भीतर ही धरने पर बैठ गए। इससे अधिकारियों में अफरातफरी मच गई। अधिकारियों ने ठुकराल को काफी समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने। ठुकराल ने एलान किया कि जब तक बिजली कटौती बंद करने का आश्वासन नहीं मिलता वह धरने से नहीं उठेंगे।
इस पर एसई राजकुमार ने फोन पर पूर्व विधायक से ऊर्जा निगम के निदेशक परिचालन एमएल प्रसाद से फोन पर बात करवाई। करीब दो घंटे बाद एसई की ओर से प्रतिदिन सिर्फ दो से तीन घंटे की रोस्टिंग का आश्वासन मिलने पर करीब 12 बजे पूर्व विधायक ठुकराल धरने से उठे।
इधर, वर्तमान विधायक शिव अरोरा की बिजली कटौती को लेकर साढ़े 11 बजे से ऊर्जा निगम के सभागार में बैठक थी लेकिन धरने की सूचना मिलने पर खुफिया विभाग के कहने पर विधायक शिव अरोरा को रास्ते में ही रोक दिया गया। इसके साथ ही दोनों के समर्थकों में टकराव की स्थिति को देखते हुए कार्यालय परिसर व गेट पर पुलिस तैनात हो गई।
पूर्व विधायक ठुकराल के जाने के बाद करीब एक बजे से विधायक अरोरा ने बिजली कटौती को लेकर ऊर्जा निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की। धरना देने वालों में दिलीप अधिकारी, संजय ठुकराल, शैलेंद्र कोली, बंटी कोली, मनोज छाबड़ा, दीपक सिंह, गुरबाज सिंह, विशाल मेहरा, रामबाबू रस्तोगी, दिनेश गुप्ता, सोनू खुराना, संतोष दिवाकर आदि थे।
वर्तमान में राज्य को करीब 60 एमयू बिजली की जरूरत है लेकिन करीब 55 एमयू बिजली ही उपलब्ध हो पा रही है। इस कारण रोस्टिंग करनी पड़ रही है। देश में पानी और कोयले से भी जरूरत के हिसाब से बिजली उत्पादन नहीं हो पा रहा है। - राजकुमार, एसई, ऊर्जा निगम।
यह राजनीतिक दीवालियापन के सिवा कुछ और नहीं : अरोरा
रुद्रपुर। विधायक शिव अरोरा ने पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के एसई कार्यालय में बिजली कटौती के खिलाफ दिए गए धरने पर सवाल उठाए। ऊर्जा निगम सभागार में प्रेसवार्ता में अरोरा ने कहा कि ऊर्जा निगम सभागार में सुबह साढ़े 11 बजे से बिजली कटौती के संबंध में होने वाली बैठक की सूचना उन्होंने बृहस्पतिवार को ही दे दी थी। इसके बावजूद पूर्व विधायक राजनीतिक पूर्वाग्रहों के चलते जानबूझकर कुछ लोगों के साथ धरना देने पहुंचे। अरोरा ने इसे राजनीकि दीवालियापन और हल्की राजनीति करार देते हुए कहा कि पूर्व विधायक का मकसद सिर्फ हंगामा खड़ा करना और अपनी खिसकती राजनीतिक जमीन को बचाने के लिए किया गया प्रयास है। जनता की समस्या के समाधान से उनका कोई सरोकार नहीं। अरोरा ने कहा कि इतने वरिष्ठ नेता होने के बावजूद ठुकराल में राजनीतिक गंभीरता नहीं है। चुनाव में जनता से नकारे जाने के कारण वह छटपटा रहे हैं। संवाद
ऊर्जा निगम के लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
रुद्रपुर। ऊर्जा निगम सभागार में विधायक शिव अरोरा ने अधिकारियों के साथ दोपहर करीब एक बजे से बैठक कर जरूरी निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि बिजली से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या का 24 घंटे के भीतर समाधान हो जाए, यदि लापरवाही मिली तो जवाबदेह अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि सिर्फ लाइनमैन और जेई के भरोसे शहर की बिजली व्यवस्था न छोड़ी जाए। बड़े अधिकारियों को भी मौके पर पहुंचकर समस्या के निस्तारण का प्रयास करना चाहिए। विधायक ने ड्यूटी के प्रति लापरवाह कर्मचारियों की सूची बनाने के निर्देश दिए ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई हो सके। अरोरा ने कहा कि प्रदेश में करीब 15 दिन और बिजली की समस्या रह सकती है, इसके बाद बिजली कटौती नहीं होगी। बैठक में चीफ इंजीनियर नीरज, एसई राजकुमार, ईई जेएस कार्की, संजय तिवारी, एसडीओ अंशुल मदान आदि थे। संवाद
रुद्रपुर में ऊर्जा निगम के एसई कार्यालय के भीतर धरना देते पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल।- फोटो : RUDRAPUR