हरिचांद गुरुचांद मतुआ मिशन के संस्थापक हरिचांद ठाकुर के 204 वें जन्मोत्सव पर चल रहे तीन दिवसीय मतुआ महामेले के दूसरे दिन महावारूणी पर्व पर देश भर के अलावा पड़ोसी देश नेपाल से आए हजारों श्रद्धालुओं ने कामना सागर में स्नान किया। मंदिर परिसर में आचार्य गोपाल महाराज ने सामूहिक दीक्षा देकर हजारों लोगों को मतुआ संप्रदाय में शामिल किया। इससे पूर्व सुबह हजारों मतुआ अनुयायियों ने ढोल नगाड़ों के साथ नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली।
मंगलवार को महावारूणी पर्व पर कृत्रिम तालाबकामना सागर में हजारों लोगों ने मधुकृष्ण त्रयोदशी महायोग में स्नान किया। स्नान कार्यक्रम तिथि लग्नानुसार सुबह 7.50 बजे से रात 9.42 तक चला। इसमें आसपास के क्षेत्रों के अलावा देश के विभिन्न प्रांतों के साथ नेपाल के महाकाली अंचल के कई कस्बों से भारी तादाद में आए लोगों ने शिरकत की। सुबह हजारों मतुआ अनुयायियों ने ढोल नगाड़ों व आचार्य गोपाल महाराज और उनके शिष्य विवेकानंद ब्रह्मचारी को रथ में बैठाकर नगर में विशाल शोभायात्रा निकाली। हरि मंदिर प्रांगण से शुरू हुई शोभायात्रा नगर के विभिन्न मार्गों व गलियों से होकर वापस हरिमंदिर आकर समाप्त हुई। शोभायात्रा में शामिल लोग ढोल नगाड़ों व शंख ध्वनि के साथ जय-हरिबोल जय-हरिबोल का जाप कर रहे थे।
सुबह आचार्य गोपाल महाराज ने श्री ओढ़ाकांदी धाम बांग्लादेश के मुख्य तालाब, सात समुद्र व देश की प्रमुख तेरह नदियों से लाए गए जल को कृत्रिम तालाब कामना सागर में मिलाकर उसे पवित्र किया। इस दौरान हजारों लोगों ने कामना सागर में फल दान किया। मंदिर परिसर में देश भर से आए श्रद्धालुओं की टीमों का क्रमबद्ध अखंड हरिनाम कीर्तन व अटूट लंगर जारी रहा। मंदिर परिसर में आचार्य गोपाल ब्रह्मचारी व उनके प्रमुख शिष्य विवेकानंद ब्रह्मचारी ने हजारों लोगों को सामूहिक दीक्षा देकर मतुआ संप्रदाय में शामिल किया।
कार्यक्रम में बीज प्रमाणीकरण संस्था के अध्यक्ष तिलकराज बेहड़, पूर्व विधायक प्रेमानंद महाजन, चेयरमैन काबल सिंह के अलावा तमाम जनप्रतिनिधियों ने भागीदारी की। मंदिर परिसर व उसके साथ सटे मुख्य मार्ग के दोनों ओर विशाल मेला लगा है। रात को मंदिर परिसर में बंगाल के प्रसिद्ध लोककवि शिशिर सरकार अपनी टीम के साथ कविगान प्रस्तुत करेंगे। उनका कार्यक्रम बुधवार रात को भी होगा।
महोत्सव में उम्मीद से ज्यादा भीड़
दिनेशपुर। महावारूणी स्नान महोत्सव में उम्मीद से ज्यादा भीड़ उमड़ी। जिसके चलते जाफरपुर मार्ग पर दिन भर यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। भीड़ को देखते हुए जाफरपुर मार्ग के टैंपो यूनियन को अपने अड्डे को अस्पताल के समीप से हटाकर नगर सीमा से बाहर श्मशान घाट के पास ले जाना पड़ा। जाफरपुर की ओर से आने वाले वाहनों को बुक्सौरा, दुर्गापुर मार्ग से डायवर्ट किया गया।
लाल झंडा ‘निशान’ का विशेष महत्व
दिनेशपुर। मतुआ संप्रदाय हिन्दु सनातन धर्म का ही एक अंग है। मगर अन्य संप्रदाय की अपेक्षा इस संप्रदाय की पूजा पद्धति बिल्कुल अलग है। इसमें लालझंडा ‘निशान’ को विशेष महत्व दिया जाता है। ढोल, शंख व कांस ध्वनि के बीच श्रद्धालु लाल निशान हाथ में लेकर नंगे पैर तेज गति से समूह के रूप में मंदिर व अन्य पूजा स्थलों में जाते है। मंदिर में कीर्तन के नाम पर सिर्फ ‘हरिबोल’ का उच्चारण होता है।