मतुआ धर्म के संस्थापक ठाकुर हरिचांद के 204वें जन्मोत्सव व महावारूणी स्नान महोत्सव के अवसर पर सोमवार से हरिमंदिर परिसर में तीन दिनी मतुआ महामेला शुरू हो गया। पहले दिन गंगा पूजन कार्यक्रम में भारी संख्या में महिलाओं ने भागेदारी की। मंगलवार को महावारूणी पर्व के अवसर पर मधुकृष्ण त्रयोदशी महायोग में तिथि लग्नानुसार सुबह 7.20 बजे से देशभर से आए हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर स्थित कामना सागर में डुबकी लगाएंगे।
सोमवार को प्रभात कीर्तन के बाद आचार्य गोपाल महाराज और उनके शिष्य विवेकानंद ब्रह्मचारी की देखरेख में निशान उत्तोलन कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसके बाद ढोल, नगाड़ों और शंख की मंगल ध्वनि के बीच महिलाओं ने मंदिर परिसर में स्थित कामना सागर कृतिम तालाब की सप्त परिक्रमा के बाद मां गंगा की पूजा अर्चना की।
दोपहर को मंदिर परिसर में मंगल घट की स्थापना की गई। रात को हरिनाम कीर्तन का आयोजन होगा। उधर देशभर से टोलियों में हरिभक्तों का मंदिर पहुंचने का सिलसिला जारी है। सुदूरवर्ती प्रांत अंदामान निकोबर, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, दिल्ली, छत्तीसगढ़ से श्रद्धालु पहुंच चुके है।