काशीपुर में आईआईएम काशीपुर का छठा दीक्षांत समारोह धूमधाम से मनाया गया। वर्ष 2017-18 के पासआउट पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (पीजीपी) के 177 और एक्जीक्यूटिव पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (ईपीजीपी) के 26 विद्यार्थियों को मानद उपाधि प्रदान की गई। पीजीपी में शिवांग गर्ग ने स्वर्ण जबकि ईपीजीपी में एरी प्रसाथ पोन्नूरंगम ने स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं पीजीपी में रूप प्रतिम दत्ता ऑलराउंड परफॉरमेंसर रहे।
सोमवार को आईआईएम कुंडेश्वरी में छठे दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि गोदरेज कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर जमशेद एन गोदरेज ने कहा कि वर्तमान में सिर्फ विकास ही जरूरी नहीं है, बल्कि दूरगामी लक्ष्यों को ध्यान में रखकर विकास पर फोकस किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बढ़ते औद्योगीकरण को देखते हुए हमें पर्यावरण का ध्यान रखना भी जरूरी है।
आईआईएम काशीपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष ध्रुव एम साहनी ने वर्ष 2018 के स्नातक बैच के साथ मैनेजमेंट से जुड़ी कई बातें साझा कीं। संस्थान के डायरेक्टर गौतम सिन्हा ने संस्थान की स्थापना से लेकर अब तक की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संस्थान ने विभिन्न सरकारी परियोजनाएं और अन्य राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय परियोजनाएं निकाली हैं और कई प्रतिष्ठित विभागों के साथ कई प्रोजेक्ट किए हैं। इनमें वन अनुसंधान और शिक्षा के लिए भारतीय परिषद, उपभोक्ता मामलों के विभाग, कानून और न्याय मंत्रालय, विश्व बैंक और भारतीय जीवन बीमा निगम आदि शामिल हैं।
संस्थान ने उत्तराखंड सरकार के योजना आयोग के लिए उत्तराखंड आर्थिक सर्वेक्षण 2016-17 को भी तैयार किया। हाल ही में आईआईएम काशीपुर ने आईआईएम काशीपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट नामक एक ऊष्मायन केंद्र स्थापित किया है, जिसे भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा वित्त पोषित किया गया है। कार्यक्रम के अंत में ध्रुव एम साहनी ने 177 विद्यार्थियों को पीजीपी के तहत और 26 विद्यार्थियों को ईपीजीपी के तहत डिप्लोमा प्रदान किया। इस दौरान डीएम डॉ. नीरज खैरवाल, वैभव वमोरिया, इस्लाम बहरूल, एसके वर्मा, राजेश उपाध्याय आदि थे।
इन छात्रों को उपलब्धियों के पदक से सम्मानित किया
1. शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए स्वर्ण पदक: शिवांग गर्ग (पीजीपी)
2. शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए रजत पदक: चिंतन अमीत मेहता (पीजीपी)
3. शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए कांस्य पदक: कौशिक मोंडल (पीजीपी)
4. सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ पदक: रूप प्रतिम दत्ता (पीजीपी)
5. शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए स्वर्ण पदक: एरीप्रसाथ पोंन्नूरंगम (ईपीजीपी)
6. शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए रजत पदक: चंदर मोहन (ईपीजीपी)