रुद्रपुर। निजी स्कूलों में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत गरीब वर्ग के बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने की योजना में एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। लॉटरी के जरिए चयन होने के बाद भी अभिभावक बच्चों का दाखिला स्कूल में नहीं करवाते हैं। दो साल में 200 से ज्यादा ऐसे मामले सामने आए हैं।
जिला परियोजना कार्यालय के अनुसार शैक्षिक सत्र 2024-25 में छह हजार सीटों के सापेक्ष सिर्फ 5159 बच्चों ने ही प्रवेश लिया। सत्र 2025-26 में भी 100 चयनित बच्चों ने दाखिला नहीं लिया। दो वर्षों में ऐसे बच्चों की संख्या 200 से अधिक है।
विभाग का मानना है कि इसके पीछे स्कूलों की दूरी, परिवहन की कमी, अभिभावकों की जागरूकता का अभाव और निजी स्कूलों में अतिरिक्त खर्चों का डर हो सकता है। हालांकि, कई अभिभावक दस्तावेज की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाते। इससे भी दाखिले अधर में रह जाते हैं।
प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी हरेंद्र कुमार मिश्रा ने कहा कि विभाग ने इस दिशा में जागरूकता अभियान तेज करने और चयनित बच्चों के अभिभावकों से सीधे संपर्क कर दाखिला सुनिश्चित कराने की रणनीति बनाई हैं।